रमना में पत्थर खनन को लेकर और ब्लास्टिंग हुई, तो धराशायी हो सकता है भवन
उपायुक्त के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी ने की जांच
गढ़वा : गढ़वा जिले से होकर गुजरी एनएच-75 का निर्माण कर रही पाटिल कंस्ट्रक्शन लंबे समय से काम लटकाने को लेकर पहले से ही जनता की नाराजगी झेल रही है़ लेकिन अब पाटिल कंस्ट्रक्शन एक नये विवाद में फंस गयी है़ सड़क निर्माण के लिए पत्थर खनन के दौरान ब्लास्टिंग को लेकर पाटिल कंस्ट्रक्शन विवादों में आ गयी है़ रमना स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी का खनन साइड कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, प्लस टू विद्यालय व पुराने उवि के बगल में है़ ब्लास्टिंग की वजह से तीनों भवनों में कई स्थानों पर दरारें हो गयी है़, जिससे दोनों भवन धाराशायी भी हो सकते है़ं इस आशय की सूचना मिलने के बाद उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी ने इसकी जांच की़ जांच के दौरान उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यह पाया है कि पाटिल कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पारित पत्थर खनन में ब्लास्टिंग का उपयोग किया जाता है़
इस कंपन की वजह से मात्र 350 मीटर दूर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय व ब्लास्टिंग स्थल से सटे पुराने प्लस टू उवि में कई स्थानों पर दरारें आ गयी है़ दरारों को चौड़ी होने से बचाने के लिए कस्तूरबा विद्यालय प्रबंधन की ओर से उसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस का इस्तेमाल कर कुछ स्थानों को भरा गया है़ उन्होंने क्षति का विस्तृत आकलन करने के लिए किसी अभियंता से इसकी जांच कराने का अनुरोध किया है़
बिना अनुमति के ही हो रही है ब्लास्टिंग
जिला खनन पदाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जांच के दौरान कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर ने खान सुरक्षा महानिदेशालय से अनुमति संबंधी कागजात प्रस्तुत नहीं किया है़ उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि खान सुरक्षा निदेशालय में डीप होल ब्लास्टिंग के लिए भारी मशीन के इस्तेमाल के लिए रेगुलेशन 106 (2) बी ऑफ एमएमआर 1961 के तहत अनुमति के लिए आवेदन जमा किया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक इसकी अनुमति नहीं मिली है़
अनुमति मिलने के पूर्व ही ब्लास्टिंग कर दिया गया है़ इधर इस संबंध में एसडीओ गढ़वा सह वरीय पदाधिकारी ने भी इस रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी दल की ओर से आकलन प्रतिवेदन प्राप्त करने व तीन दिन के अंदर संबंधित पक्षों से ब्लास्टिंग संबंधी कागजात जमा कराने की अनुशंसा की है़ उल्लेखनीय है कि अग्रेतर कार्रवाई के रूप में पाटिल कंस्ट्रक्शन कंपनी को हर्जाना देना पड़ सकता है तथा साथ ही उक्त स्थल से ब्लास्टिंग व खनन कार्य बंद करनी पड़ सकती है़
