औने-पौने भाव पर धान बेच रहे हैं किसान

सरकारी धान क्रय की गति धीमी नगरऊंटारी : अनुमंडल मुख्यालय स्थित धान क्रय केंद्र में धान क्रय की गति काफी धीमी है, जिससे किसान चिंतित हैं. पांच मार्च तक 135 किसानों से 17565 बैग (7026 क्विंटल) धान की खरीद की गयी है. नगरऊंटारी, भवनाथपुर, धुरकी, सगमा व रमना प्रखंड के लिए एकमात्र धान क्रय केंद्र […]

सरकारी धान क्रय की गति धीमी

नगरऊंटारी : अनुमंडल मुख्यालय स्थित धान क्रय केंद्र में धान क्रय की गति काफी धीमी है, जिससे किसान चिंतित हैं. पांच मार्च तक 135 किसानों से 17565 बैग (7026 क्विंटल) धान की खरीद की गयी है. नगरऊंटारी, भवनाथपुर, धुरकी, सगमा व रमना प्रखंड के लिए एकमात्र धान क्रय केंद्र खोला गया है. यदि इस तरह धीमी गति से धानक्रय किया गया, तो लगता है छह माह में भी सभी किसानों का धान क्रय नहीं किया जा सकेगा. क्रय केंद्र प्रभारी अरविंद यादव के अनुसार एक दिन में लगभग 300 क्विंटल धान का क्रय ही किया जाता है. धान का क्रय जनवरी माह से प्रारंभ है, लेकिन अभी तक मात्र 135 किसानों का ही धान क्रय किया जा सका है.

निबंधित किसान : नगर ऊंटारी, भवनाथपुर, धुरकी, सकमा व रमना प्रखंड के 1189 किसानों ने अपना निबंधन धान विक्रय के लिए कराया है, जिसमें अभी तक 135 किसानों का धान क्रय किया गया है. 315 किसानों को अभी तक क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा धान विक्रय के लिए मैसेज किया गया है.

क्या होती है परेशानी : धान क्रय केंद्र से मैसेज मिलने के बाद किसान धान लेकर क्रय केंद्र पहुंचते हैं. एक ही दिन जब कई किसान अपना धान क्रय केंद्र पर लाते हैं, तो उसी दिन उनका धान नहीं लिया जाता है. ऐसी स्थिति में किसानों को रात दिन वहीं रह कर धान क्रय के लिए इंतजार करना पड़ता है. एक दिन में 300 क्विंटल ही धान का क्रय हो पाता है. मौसम खराब होने पर धान को बचाने की चिंता भी किसानों को होती है. अभी तक तीन मार्च तक जो किसान अपना धान क्रय केंद्र लाये हैं, उनका धान क्रय कर लिया गया है. चार व पांच मार्च को जो किसान धान लेकर आये हैं, उनका धान बाहर पड़ा हुआ है.

क्या कहते हैं धान क्रय केंद्र प्रभारी : धान क्रय केंद्र के प्रभारी अरविंद यादव ने बताया कि जनवरी माह में जब धान का क्रय प्रारंभ हुआ तो 13 फरवरी को गोदाम भर गया. इसके बाद क्रय बंद करना पड़ा. 29-30 जनवरी को गोदाम खाली होने पर क्रय प्रारंभ किया गया, तो चार फरवरी को गोदाम भर जाने के कारण बंद करना पड़ा. विगत 13 फरवरी से लगातार धान का क्रय जारी है. एक दिन में लगभग 300 क्विंटल ही धान का क्रय हो पाता है, जिसके कारण किसान को इंतजार करना पड़ता है.

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