आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं विद्यार्थी व बेरोजगार युवक
गढ़वा : गढ़वा जिला राजस्व कर्मचारी संघ एवं अंचल निरीक्षक संघ के बैनर तले राजस्व कर्मचारियों एवं सीआइ द्वारा की गयी हड़ताल 20 दिनों से चल रही है़ हड़ताल की वजह से गढ़वा जिले में अंचल से संबंधित सभी तरह के कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. अभी तक हड़ताल टूटने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है़ प्रतिदिन अंचलों में जाकर ग्रामीण व छात्र अपने कार्यों के लिए भटक रहे हैं. गढ़वा जिले में 20 दिनों की हड़ताल के कारण करीब 5200 जाति, आय व स्थानीय निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन लंबित हैं. इनमें सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय निवास प्रमाण पत्र को लेकर देखी जा रही है़
ऑनलाइन आवेदन प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से जमा किये जाते हैं. लेकिन हड़ताल की वजह से अंचल के राजस्व कर्मचारियों एवं अंचल निरीक्षकों का हस्ताक्षर नहीं मिलने की वजह से यह आगे नहीं बढ़ पा रही है़ इसके अलावा गढ़वा अंचल के करीब 30 हजार ऑनलाइन भूमि रिकार्ड सुधार से संबंधित आवेदन भी धूल फांक रहे हैं. आवेदन पर नियमानुसार राजस्व कर्मचारियों का हस्ताक्षर होता है़ साथ ही तहसील भवन में ही आवेदन जमा किये जा रहे थे, लेकिन हड़ताल की वजह से तहसील भवन बंद है और शिकायत से संबंधित नये आवेदन भी जमा नहीं हो पा रहे हैं. हड़ताल की वजह से भूमि के नामांतरण, म्यूटेशन सहित अन्य वाद से संबंधित मामले में लंबित पड़े हुए हैं.
अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर 20वें दिन भी गढ़वा समाहरणालय के बाहर धरना पर सभी राजस्व कर्मचारी बैठे रहे़ उन्होंने अपने संबोधन में सरकार के खिलाफ वक्तव्य दिया़ इस मौके पर राजस्व कर्मचारी राजेंद्र यादव, पोलिकार्य तिर्की, बिफन राम, विनोद सिंह, राजकुमार सिंह, दशरथ राम, दुखन राम, बिंदेश्वर कुमार, राजेंद्र कुमार झा आदि उपस्थित थे़ इस संबंध में गढ़वा अंचल पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती ने बताया कि वैसे सभी मामले जिसमें राजस्व कर्मचारी या अंचल निरीक्षक के हस्ताक्षर एवं उपस्थिति आदि की जरूरत है, वे लंबित हैं. लेकिन अंचल में शेष सभी कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं.
