कांडी में 10 वर्षों से सब स्टेशन बन कर है तैयार
बिजली को लेकर मुखिया ने आत्मदाह की चेतावनी दे रखी है
कांडी : 90 हजार की आबादी वाला कांडी प्रखंड वासियों को आखिर बिजली कब मिलेगी,या यूं ही लोगों को इंतजार करते रहना होगा़ प्रखंड के लोगों के साथ आखिर इस तरह का सौतेला व्यवहार क्यों? यह प्रखंड का आम नागरिक जानना चाहता है़ उल्लेखनीय है कि कांडी में बिजली बहाली को लेकर यहां के मुखिया विनोद प्रसाद ने आत्मदाह की चेतावनी दे रखी है़
इस संबंध में मुखिया ने विद्युत विभाग के गढ़वा एसइ से मिल कर पूछा कि उन्हें बिजली कब मिलेगी़ मुखिया ने कहा कि उन्होंने एक साल पहले ही 11 जनवरी 2017 को बिजली नहीं तो जिंदगी नहीं के तहत कांडी प्रखंड कार्यालय पर आत्मदाह कर लेने की घोषणा पर अडिग थे. लेकिन विभागीय कार्यपालक अभियंता ने एक माह में बिजली जला देने का हवाला देकर उनसे आत्मदाह रोकने की बात कही थी़ तबसे दो महीने बीत गये, लेकिन कांडी के गावों में नहीं जली बिजली़ हर बार महीना दो महीना में बिजली जला देने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन इस पर कभी अमल नहीं किया जाता़ वर्ष 2012 व 2014 में भाजपा ने बिजली के सवाल पर हफ्तों तक आमरण अनशन, सड़क जाम व तालाबंदी जैसा आंदोलन किया था़ वर्ष 2012 में सदर एसडीओ व बीडीओ तथा 2014 में जिले के डीसी पलामू सांसद व विभागीय अधिकारी ने एक माह में बिजली देने का लिखित आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया था़ लेकिन आश्वासनो पर अमल आज तक नहीं हुआ़
