शहर से गुजरता है एनएच-75, तीन प्रदेशों को जोड़ता है
गढ़वा : गढ़वा शहर के बीचोबीच गुजरे एनएच-75 यहां के लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है. शहर में बाइपास नहीं होने के कारण तीन प्रदेशों को जोड़नेवाली इस सड़क पर आये दिन जाम लगना आम बात हो गयी है. चुनाव आता है, तो नेता कोरा आश्वासन देते हैं- चुनाव जीतने पर तीन माह में बाइपास बनवा देंगे. चुनाव खत्म, तो मुद्दा भी खत्म. एक दशक से यहां यही होता रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जु न मुंडा, वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व गृह मंत्री सुदेश महतो जैसे राज्य के कई बड़े नेताओं ने बाइपास के मुद्दे पर यहां के लोगों को आश्वासन देते रहे हैं. राज्य बनने के बाद प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने तो यहां बगैर डीपीआर आदि बने ही बाइपास का शिलान्यास कर डाला. राज्य बनने के 14 वर्ष बाद भी गढ़वा के लोगों को इस समस्या से निजात नहीं मिली. सड़क यात्रा के नाम पर दो बार यहां आये तत्कालीन सीएम श्री मुंडा व उनकी पार्टी एनएच-75 चौड़ीकरण की स्वीकृति दिलाने का ढिंढोरा अभी तक पीट रहे हैं. लेकिन सड़क अब तक नहीं बन पायी. आनेवाला लोकसभा अथवा विधानसभा के चुनाव में गढ़वा-पलामू के लिए सड़क सबसे ज्वलंत व प्रभावी मुद्दा बनेगा.
