चिकित्सक नहीं रहने से परेशान रहते हैं मरीज

एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है रंका का अस्पताल रंका. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंका की इन दिनों दयनीय स्थिति है. केंद्र में चिकित्सकों को समय पर नहीं आने से मरीजों को घंटों देर तक इंतजार करना पड़ता है. इसके कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है. बुधवार को करीब दर्जनों रोगी अस्पताल पहुंचे हुए […]

एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है रंका का अस्पताल
रंका. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रंका की इन दिनों दयनीय स्थिति है. केंद्र में चिकित्सकों को समय पर नहीं आने से मरीजों को घंटों देर तक इंतजार करना पड़ता है. इसके कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है.
बुधवार को करीब दर्जनों रोगी अस्पताल पहुंचे हुए थे. इनमें सिरोई कला की तेतरी कुंवर, बरवाडीह की मधुरन बीबी, मानपुर से आयी फुलवसिया देवी, रसीना खातून, कुरैसा बीबी, तेनुडीह की सवाना खातुन ,शबनम खातुन,दौलत अंसारी, दौनादाग के मैनुल्लाह अंसारी ,मीना देवी अपने दो साल के पुत्र अंकुश कुमार, मैनुन बीबी अपने तीन माह के पुत्र को लेकर व दर्जनों लोग इलाज कराने के लिये अस्पताल आये थे. सभी चिकित्सक के इंतजार में बेचैन थे़ इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएस चौधरी ने बताया कि वे अकेले हैं. उन्हें रेफरल अस्पताल का ओपीडी व पीएचसी का ओपीडी दोनों देखना पड़ता है. फिलहाल वे रेफरल अस्पताल में ओपीडी देख रहे हैं. अकेले वे दोनों जगह सेवा नहीं दे सकते़ अस्पताल के पास के लोगों ने बताया कि यहां चिकित्सक आठ बजे के बजाये हमेशा 12 बजे आते हैं और एक बजे चले जाते हैं.
इसके बाद चिकित्सकों का रात्रि तक मरीजों के लिए कोई सेवा नहीं रहता है. विदित हो कि रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन चिकित्सक डॉ आरएस चौधरी,डॉ अशोक कुमार एवं डॉ कुलदेव चौधरी पदस्थापित हैं. डॉ आरएस चौधरी को छोड़कर शेष चिकित्सक दूसरे जगह प्रतिनियुक्त हैं.

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