गढ़वा़ ईश्वर की आराधना के पश्चात हमें प्रतीक्षा करनी चाहिए, तभी जीव का कल्याण हो सकता है़ उक्त बातें शहर के सहिजना स्थित नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर के चार दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर आयोजित प्रवचन में शनिवार की रात वाराणसी से आये आचार्य सुरेश शास्त्री जी ने कही़ उन्होंने कहा कि सत्ती जी भगवान राम की परीक्षा लेने निकली थी, लेकिन उनका कल्याण नहीं हुआ़ सुर्पनखा समीक्षा करने निकली थी, उसका भी कल्याण नहीं हुआ़ लेकिन सबरी ने भगवान की प्र्रतीक्षा की थी. इसलिए भगवान श्रीराम उनके पास पहुंचे और उनका कल्याण हो गया़ शास्त्री जी ने कहा कि स्त्री के हर आभूषण के पीछे संदेश छिपा है़ पायल धीरे-धीरे चलने को बताती है, तो बाली संभलकर मधुर वाणी बोलने को प्रेरित करती है. जबकि चूड़ी दोनों कुलों की मर्यादा की रक्षा का संदेश देती है़
इस अवसर पर अखिलेश तिवारी, प्रदीप वर्मा, कमलेश कुमार सिनहा, कौशलेंद्र तिवारी, इंदू भुषण मिश्रा, विजय मिश्रा,अजीत कुमार सिंह,नवल किशोर श्रीवास्तव,धरनीधर प्रसाद,विकास तिवारी, रामाधार दूबे,अजय कुमार सिन्हा,राकेश कुमार शुक्ला,वार्ड पार्षद सत्यवती देवी सहित कफी संख्या में पहिला व पुरूष श्रोताओं ने प्रवचन का श्रवण किया़
