धुरकी प्रखंड के दलित बहुल झरठवा टोला में जाने के लिए नहीं है सड़क
धुरकी प्रखंड की खाला पंचायत के झरठवा टोला की 300 आबादी है
सड़क नहीं होने से टोला में चापानल लगानेवाली गाड़ी नहीं पहुंच पायी, इस कारण आज तक चापानल नहीं लगा
धुरकी : धुरकी प्रखंड की 300 आबादीवाले दलित बहुल खाला गांव के झरठवा टोला में पिछले 20 वर्षों से सड़क का निर्माण नहीं किया गया है. सड़क नहीं रहने के कारण यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है़
सड़क निर्माण की मांग को लेकर इस टोले के लोगों ने कई बार सरकारी बाबुओं एवं जनप्रतिनिधियों से गुहार लगायी, लेकिन किसी ने भी उनकी सुधी नहीं ली गयी. थक-हारकर गांव के लोगों ने उप प्रमुख प्रभु शंकर जायसवाल एवं वार्ड सदस्य अनिता देवी की अध्यक्षता में एक बैठक कर लगभग एक किमी लंबी सड़क को श्रमदान कर बनाने का निर्णय लिया़ इसी निर्णय के तहत बुधवार को ग्रामीणों ने श्रमदान से सड़क बनाने का कार्य शुरू किया़ मौके पर गांव के ग्रामीण मोती राम, विक्रमा राम, अजय राम, अवधेश राम, लल्लू राम आदि ने कहा कि सड़क नहीं रहने के कारण इस टोले में लड़की की शादी में बेटी की विदाई दरवाजे से गाड़ी में बैठा कर नहीं हो पाती थी़ सड़क नहीं होने के कारण गांव में चापानल गाड़नेवाला ट्रक भी नहीं पहुंच पाता था़ इसके कारण उनके टोले में चापानल भी नहीं है़
ग्रामीणों ने कहा कि सड़क बनवाने के लिये वे पंचायत व प्रखंड का चक्कर लगाकर थक चुके हैं. अंत में उप प्रमुख व वार्ड पार्षद की पहल पर बैठक कर श्रम दान से सड़क बनाने का कार्य किया जा रहा है़
ग्रामीणों ने कहा कि रात में जब किसी की तबीयत खराब हो जाती थी, तो वे लोग डोली-खटोली पर मरीज को लादकर दो किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क पर पहुंचते थे़ वहां भी साधन नहीं मिलता था तो वहां से भी आगे पैदल जाना पड़ता था़ ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से उनके गांव में किसी तरह का कोई सड़क नहीं बनाया गया है़ कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. श्रमदान में कृष्णा राम, लीला राम, धनंजय राम, अर्जुन राम, दर्शन राम, तारा देवी, फूलवंती देवी, देवंती देवी, सावित्री देवी आदि ग्रामीण उपस्थित थे़
