प्रतिनिधि, रमकंडा झारखंड में चारा घोटाला से भी बड़ा ट्रेजरी घोटाला है. यह आकड़ा 100 करोड़ से पार हो गया. उन्होंने कहा की राज्य में जिस कोषागार को पूरा हिसाब किताब रखने का जिम्मा है. वहीं यह गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा की वित्त मंत्री आज सभी जगह जांच की बात कर रहे हैं. लेकिन इसकी नियमित जांच क्यूं नहीं करायी गयी. यह बातें शनिवार को विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने अपने कार्यकर्ता के घर शादी समारोह कार्यक्रम दौरान कही. इस दौरान विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी समेत स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद थे. विधायक ने कहा की आज झारखंड के मुख्यमंत्री एक अरब का घर बना रहे हैं. वहीं बच्चों को छात्रवृति का लाभ नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि पढ़े लिखे झारखंड के युवा आज 10 सालों से झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंतजार कर रहे हैं. कई युवाओं की उम्र ख़त्म हो गयी. अगर सरकार की मंशा साफ होती, तो रघुवर सरकार की 2016 वाली नियमावली के आधार पर ही पात्रता परीक्षा आयोजित कराकर 26 हजार शिक्षकों के खाली पदों के भर सकती थी. लेकिन हेमंत सरकार भाषा के विवाद में इसे उलझा के रखा. उन्होंने कहा की इस सरकार में यह परीक्षा होना संभव नहीं है. साथ ही सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि सरकार जानबूझकर बालू घाट का टेंडर नहीं करा रही, ताकि बालू की चोरी हो सके.
चारा घोटाला से भी बड़ा हैं ट्रेजरी घोटाला: सत्येंद्रनाथ तिवारी
चारा घोटाला से भी बड़ा हैं ट्रेजरी घोटाला: सत्येंद्रनाथ तिवारी
