शारदीय नवरात्र शुरू शनिवार से

कलश स्थापना दिन में 11:35 बजे से अपराह्न 4:40 बजे तक गढ़वा : शारदीय नवरात्र का प्रारंभ शरद ऋतु में होता है़ इसमें मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है़ चैत्र मां के नवरात्र को वासंती नवरात्र कहते हैं. इस वर्ष शारदीय नवरात्र का प्रारंभ एक अक्तूबर से हो रहा है, जो […]

कलश स्थापना दिन में 11:35 बजे से अपराह्न 4:40 बजे तक
गढ़वा : शारदीय नवरात्र का प्रारंभ शरद ऋतु में होता है़ इसमें मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है़ चैत्र मां के नवरात्र को वासंती नवरात्र कहते हैं. इस वर्ष शारदीय नवरात्र का प्रारंभ एक अक्तूबर से हो रहा है, जो 11 अक्तूबर तक चलेगा़
यह जानकारी मेराल प्रखंड के बाना गांव निवासी विद्यावाचस्पति पंडित बलदेव पाठक ने कही़ शारदीय नवरात्र की शुरुआत आश्विन शुक्ल पक्ष प्रथम शनिवार के हस्ता नक्षत्र के ब्रह्मयोग से हो रहा है़ इस वर्ष 10 दिन का शारदीय नवरात्र हो रहा है़, जो लोग नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की विभिन्न रूपों की पूजा करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. नवरात्र व्रत विधि दो तरह के किये जाते हैं, जो व्यक्ति नौ दिन तक व्रत नहीं कर सकते हैं, वे प्रथम व अष्टमी को उपवास कर नवमी को हवन कर भोजन करते हैं.
जो नौ दिन तक लगातार व्रत करते हैं, वे नौ कन्याओं को भोजन करा कर दशमी तिथि में भोजन करते हैं. जो लोग व्रत-उपवास करते हैं ,उन्हें हरके प्रकार के भव-बाधा से मुक्ति मिलती है़ शारदीय नवरात्र में एक अक्तूबर को दिन 11.30 बजे से शाम 4.40 तक कलश स्थापना किया जायेगा. सात अक्तूबर को दुर्गा देवी की प्रतिमा स्थापित होगी. नौ अक्तूबर को अष्टमी व्रत संध्या दीपक जलाने तथा शाम छह बजे पूजन होगा़ 10 अक्तूबर को नवमी तिथि तथा 11 अक्तूबर को दुर्गा देवी का विसर्जन एवं दशहरा उत्सव मनाया जायेगा़

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