गढ़वा : झारखंड सरकार प्राथमिक शिक्षा के गुणवत्ता के लिए जितनी तत्पर है, शायद उच्चतर शिक्षा के लिए नहीं है़ गढ़वा जिले का एकमात्र अंगीभूत इकाई एसएसजेएस नामधारी कॉलेज में नीलांबर पीतांबर विवि ने पिछले दो साल से स्नातकोत्तर के नौ विषयों में पढ़ाई के लिए स्वीकृति दी है़ लेकिन इसके लिए कॉलेज में आधारभूत संरचना नगण्य है़
जिन विषयों में स्वीकृति मिली है, उनमें हिंदी, मनोविज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, गणित, इतिहास के अलावा विवि दो विषय संस्कृत व समाजशास्त्र की पढ़ाई सिर्फ इसी कॉलेज में की जाती है़
इन विषयों के पढ़ाने के लिए जो पहले से स्नातक में विभागध्यक्ष हैं, वहीं स्नातकोत्तर में भी पढ़ा रहे हैं. विषयों में सीट की कोई कमी नहीं है़ संस्कृत में 80, समाजशास्त्र में 240, वाणिज्य व हिंदी में 120-120, मनोविज्ञान, गणित, भूगोल में 60-60 तथा अर्थशास्त्र व इतिहास में 120-120 सीट निर्धारित है़ विवि द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद से एक सत्र के विद्यार्थी उत्तीर्ण भी हो चुके हैं. दूसरे सत्र में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है़ इस संबंध में गणित के विभागध्यक्ष डॉ नथुनी पांडेय ने कहा कि विवि ने अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की है़ इस स्थिति में नामांकन के लिए फार्म भी रखने की व्यवस्था नहीं की है़ इस स्थिति में काम कैसा होगा, यह विचारणीय प्रश्न है़
