आदिम जनजाति के दो लोगों की इलाज के अभाव में मौत

धुरकी (गढ़वा) : धुरकी प्रखंड में दो आदिम जनजातियों की मौत आर्थिक अभाव से जूझते हुए हो गयी. प्रखंड के करवा पहाड़ के योगेंद्र कोरवा की पत्नी विमला देवी (35वर्ष)एवं करमू कोरवो (56वर्ष)एवं विपन्नता की स्थिति में इलाज के अभाव में दम तोड़ दिये. इनमें से विमला देवी के संबंध में ग्रामीणों का कहना है […]

धुरकी (गढ़वा) : धुरकी प्रखंड में दो आदिम जनजातियों की मौत आर्थिक अभाव से जूझते हुए हो गयी. प्रखंड के करवा पहाड़ के योगेंद्र कोरवा की पत्नी विमला देवी (35वर्ष)एवं करमू कोरवो (56वर्ष)एवं विपन्नता की स्थिति में इलाज के अभाव में दम तोड़ दिये. इनमें से विमला देवी के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि उसके पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं था. उसका पति बाहर कमाने गया हुआ था.
घर में वह अकेले थी. बीमारी की सूचना मिलने के बाद योगेंद्र उरांव घर आया और उसने अपनी पत्नी को सरकारी अस्पताल में भरती कराया, जहां चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि उसके शरीर में हीमोग्लोबिन काफी कम है. अस्पताल में ठीक नहीं होने के बाद वह उसे अपने घर ले गया,जहां उसकी मौत हो गयी.
इसी तरह करमू कोरवा की मौत भी बीमारी से जूझते हुए हो गयी थी. तेजू कोरवा ने बताया कि पैसे के अभाव में करमू का इलाज नहीं कराया जा सका था. बीमारी से जूझते हुए बुधवार को उसकी मौत हुई है.
उल्लेखनीय है कि पिछले छह माह के दौरान एक दर्जन से अधिक आदिम जनजातियों की मौत विपन्नता के कारण हो गयी है. इस संबंध में बीडीओ इजे लकड़ा ने बताया कि उन्हें आदिम जनजातियों के मौत की जानकारी मिली है. पंचायत सेवक को मृतक के घर भेजा गया है. मृतक के परिजनों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत सहायता राशि दी जायेगी. वैसे लोग जो अभी भी बीमार हैं, वे अपना बीपीएल सत्यापित करा दें, उन्हें चिकित्सा लाभ भी दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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