पांच वर्ष से बेकार पड़ी है लिफ्ट एरिगेशन योजना

विकराल हो रही है सिंचाई की समस्या नगरऊंटारी : विभागीय लापरवाही के कारण मर्चवार लिफ्ट एरिगेशन उपेक्षा का दंश ङोल रहा है. लगभग पांच वर्ष से लिफ्ट एरिगेशन बंद रहने के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसान डीजल पंप के सहारे खेतों की सिंचाई कर […]

विकराल हो रही है सिंचाई की समस्या

नगरऊंटारी : विभागीय लापरवाही के कारण मर्चवार लिफ्ट एरिगेशन उपेक्षा का दंश ङोल रहा है. लगभग पांच वर्ष से लिफ्ट एरिगेशन बंद रहने के कारण किसानों को खेतों की सिंचाई में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसान डीजल पंप के सहारे खेतों की सिंचाई कर रहे हैं.

जो उनके लिए काफी महंगा पड़ रहा है. मर्चवार ग्राम में खेतों की सिंचाई के लिए दूसरी कोई सुविधा नहीं है. किसानों की इन समस्याओं को देखते हुए उनके खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से ही लोंगा नदी के किनारे लिफ्ट एरिगेशन का निर्माण किया गया था. लौंगा नदी के किनारे बना यह लिफ्ट एरीगेशन वर्ष 1981 में प्रारंभ हुआ था.

प्रारंभ के कई वर्षो तक किसानों के खेतों को आसानी से कम लागत पर पानी मिल रहा था. जिससे खेतों की तसवीर व किसानों की तकदीर बदल गयी थी. खेतों में धान व गेहूं की फ सलें लहलहाती नजर आती थी.

क्या कहते हैं किसान

मर्चवार ग्राम निवासी राजेंद्र प्रसाद अग्रेहरि का कहना है कि विभागीय उपेक्षा के कारण लिफ्ट एरिगेशन बंद है, जिससे उनके खेतों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है. लिफ्ट की मरम्मत कराकर उसे चालू करा दिया जाये, तो खेतों में हरियाली लौट आयेगी. संजय कुमार सिंह का कहना है कि लिफ्ट एरिगेशन के चालू रहने से कम खर्च पर खेतों को पानी मिल जाता, लेकिन अभी खेतों में पानी ले जाने के लिए डीजल पंप का सहारा लेना पड़ता है. जो काफी महंगा है. गरीब किसानों के खेत सिंचाई के अभाव में परती रह जाते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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