गढ़वा : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने 23 सरकारी कर्मियों को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस निर्गत किया है. जिन कर्मियों को नोटिस किया गया है, वे आवास में रहने की पात्रता नहीं रखते हैं.
जिन्हें नोटिस निर्गत किया गया है, उनमें दिवंगत गव्य विकास पदाधिकारी शैलेश कुमार की पत्नी शारदा देवी, बीपीओ वीरेंद्र प्रसाद, जीप चालक रंजन कुमार सिंह, नवल कुमार सिंह, जनसेवक बसंत पांडेय, एएनएम शोभा कुमारी, अनुसेवक राणा रंजीत कुमार, कार्यालय सहायक मुकेश कुमार, पंकज पांडेय, राजीव दूबे, दीपक पांडेय, रघुवीर राम, विरेंद्र मांझी, सुरेश चरगट, अभय कुमार शर्मा, सुनील कुमार, श्लोक सिंह, डीआरडीए के परियोजना पदाधिकारी विमलेश विश्वकर्मा, क्षमा प्रिया, मिथिलेश कुमार, वरीय लेखा पदाधिकारी रिचा वर्मा, जिला साक्षरता समिति के डीपीएम संतोष तिवारी,पीएचआरडीएफ चंद्रशेखर गोहिया शामिल हैं.
19 फरवरी को आवास आवंटन समिति की बैठक उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई थी, जिसमें अनुबंध पर कार्य कर रहे कर्मियों एवं वेतनमान के अनुसार पात्रता नहीं रखनेवाले कर्मियों से आवास खाली कराने का निर्णय लिया गया था. गढ़वा जिला मुख्यालय में 64 सरकारी क्वार्टर हैं.इसकी जांच पिछले दिनों एक जांच समिति बनाकर करायी गयी थी. सभी कर्मियों को एक सप्ताह के अंदर आवास खाली करने का नोटिस निर्गत किया गया है.
रिपोर्ट पीयूष तिवारी
