अतिक्रमण. गढ़वा नगर परिषद के खासमहल की भूमि पर
गढ़वा नगर परिषद के खासमहल की 223 डिसमिल भूमि पर वर्षों से 95 लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा है. उक्त भूमि पर पक्के का मकान व चहारदीवारी कर कब्जा जमा लिया गया है. तीन लोगों को लीज के लिए आवंटित 15 डिसमिल भूमि का लीज वर्ष 2006 में रद्द कर दिया गया है, उसका पुन: नवीकरण नहीं हो सका है.
गढ़वा : गढ़वा शहर में खासमहल की भूमि पर सैकड़ों लोगों ने वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा है. जबकि तीन लोगों के 15 डिसमिल भूमि का लीज वर्ष 2006 में रद्द कर दिया गया है, जिसका नवीकरण अभी तक नहीं हुआ है.
उक्त जमीन पर अवैध कब्जाधारियों द्वारा पक्के का मकान दुकान बना रखी है, वहीं कुछ भूमि पर चहारदीवारी कर कब्जा जमा लिया गया है. उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष जिला प्रशासन द्वारा जिले भर में अतिक्रमण के नाम पर सड़क किनारे लगे गुमटी व खोमचे की दुकान को हटा कर इसकी खानापूरी कर ली जाती है.
लेकिन बड़े अतिक्रमणकारी जिनकी बहुमंजली इमारतें और दुकानें नहीं हटायी जाती. ऐसे में प्रशासन कोर्ट के निर्देश की अवहेलना से बच जाते हैं और अतिक्रमणकारियों को हर बार अभयदान दे दिया जाता है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर सैकड़ों डिसमिल सरकारी भूमि से कभी अवैध कब्जा हट पायेगा या यू हीं उन्हें अभयदान मिलता रहेगा और अतिक्रमण हटाओ अभियान की खानापूरी होती रहेगी.
223 डिसमिल जमीन कब होगी मुक्त
गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में खासमहल की 223 डिसमिल भूमि पर 95 अतिक्रमणकारियों ने वर्षों से अवैध कब्जा जमा रखा है. इसमें से 50 लोगों ने पक्के के मकान व दुकान भी बना रखे हैं, जबकि अन्य भूमि पर चहारदीवारी व कच्चे मकान बने हुए हैं.
वहीं तीन लोगों को दिये गये 15 डिसमिल भूमि के लीज को वर्ष 2006 में रद्द कर दिया गया है. उनका नवीकरण अब तक नहीं हो सका है. वर्ष 2015 में जिला प्रशासन से खासमहल की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गयी थी. लेकिन मामले में कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गयी.
अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा : सीओ
इस बारे में पूछे जाने पर गढ़वा के अंचलाधिकारी सह नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी हरिशंकर बारिक ने कहा कि अतिक्रमण को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन गंभीर है. फेज वाइज अतिक्रमण हटाया जा रहा है. यह कार्रवाई अतिक्रमण मुक्त होने तक जारी रहेगा और अतिक्रमणकारियों से अतिक्रमण को मुक्त कराया जायेगा.
