गढ़वा : सो मवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत किये गये आम बजट पर गढ़वा के लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी है.स्वयंसेवी संस्था जायंट्स ग्रुप से जुड़े राकेश बाबू सर्राफ ने बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि यह बजट आम लोगों को राहत देनेवाली बजट है. टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं किये जाने से लोगों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने बजट को जनता की हित में बताया.
जायंट्स सहेली की पूर्व अध्यक्ष सुनीता केसरी ने कहा कि यह बजट देश की जनता को राहत देनेवाली बजट है.
पिछले एक दशक से ऐसी बजट प्रस्तुत नहीं की गयी थी. यह बजट आम लोगों हित में है. भाजपा के वरिष्ठ नेता अलखनाथ पांडेय ने कहा कि यह बजट मध्यमवर्गीय परिवार सहित अमजन को राहत पहुंचाने वाली बजट है. इससे अच्छे बजट की उम्मीद करना बेमानी होगी. उन्होंने कहा कि यह बजट जनता के हक में राहत पहुंचाने वाली है बजट है. जायंट्स फेडरेश्न के अध्यक्ष विनोद कमलापुरी ने कहा कि आम बजट किसान, मजदूर, कृषि व ग्रामीण विकास को ध्यान में रखकर बनाया गया है. कृषि व खाद्य प्रसंस्करण में 100 फीसदी विदेशी निवेश के माध्यम से मेक इन इंडिया को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने बढ़ाने पर जोर दिया गया है.
आजसू के जिला संयोजक सुरज कुमार गुप्ता ने आम बजट को जनता के लिए छलावा बताते हुए कहा है कि इस बजट में गरीबों के लिए कुछ भी नहीं है और न ही इस बजट से जनता का भला होनेवाला है. राजद नेता संजय कांस्यकार ने बजट को पूरी तरह से जनता के साथ धोखा बताते हुए कहा कि सरकार के कथनी और करनी में काफी फर्क है.
इस बजट से देश के लोगों व देश का भला नहीं होनेवाला है.भाकपा माले की राज्य कमेटी सदस्य सुषमा मेहता ने कहा कि आम बजट जनविरोधी और देश की गरीब गुरबों को गुमराह करनेवाली बजट है. इस बजट से आम जनता को कोई लाभ नहीं होनेवाला. वहीं झाविमो नेता अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि यह बजट झूठ की पोटली व जनता को छलनेवाला बजट है.
यह बजट जनहित में नहीं है. आइएमए के अध्यक्ष डॉ एम यासीन अंसारी ने कहा कि इस बजट से किसानों को राहत मिलेगी. पांच करोड़ एलपीजी गैस गांववालों को देने की घोषणा नयी बात है. उन्होंने कहा कि यदि इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है.
बावजूद यह एक संतुलित बजट कहा जायेगा. शिक्षक नेता अशर्फी राम ने कहा कि आयकर का सीमा नहीं बढ़ाया जाना सही नहीं है. उन्होंने इस बात पर भी झोभ व्यक्त किया कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आ जाने व कैबिनेट से फैसला हो जाने के बावजूद भी इसे लागू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के पूर्व जो घोषणा की थी, उसे पूरा नहीं किया.
