गोदरमाना(गढ़वा) : रंका अनुमंडल क्षेत्र के गोदरमाना में पेयजल की भीषण समस्या उत्पन्न हो गयी है. पेयजलापूर्ति करनेवाला कूप सूख गया है. काफी मशक्कत के बाद थोड़ी बहुत पानी लोगों को मिल पा रही है. इससे स्थानीय लोगों में पेजयल व स्वच्छता विभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है.
समाचार के अनुसार गरमी के शुरुआत में ही गोदरमाना में पेयजल की भीषण संकट दिखने लगी है. स्थानीय निवासी गुड्डू गुप्ता, ओमप्रकाश दास, पिंटू गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, उमेश गुप्ता आदि गुरुवार को पेयजलापूर्ति केंद्र पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि पेयजलापूर्ति करने के लिए नदी में बनाया गया कूप सूख गया है. काफी मशक्कत के बाद थोड़ी-बहुत पानी मिल पा रही है. इससे आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रहा है.
कहा गया कि स्थिति यही रही तो 10-15 दिन में पेयजलापूर्ति बंद हो जायेगी. उक्त लोगों ने कहा कि पीएचइडी विभाग के पदाधिकारियों से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचइडी विभाग के पदाधिकारी पिछले दो वर्ष से उन्हें छलने का काम कर रहे हैं. लगातार झूठा आश्वासन दे रहे हैं.
आज तक पेयजल के लिए योजना की शुरुआत करने को लेकर न तो प्राक्कलन बना और न ही कोई पदाधिकारी आये, लेकिन आश्वासन देते रहे. लोगों का कहना था कि विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी को भी गोदरमाना पेयजलापूर्ति केंद्र के बारे में जानकारी देते हुए डीप बोर कराने की मांग की गयी थी.
विधायक ने मड़ुआनाला पुल के उदघाटन समारोह में घोषणा किया था कि 15 दिन के अंदर गोदरमाना में डीप बोर करवा देंगे. लेकिन आज तक डीप बोर नहीं किया गया. ग्रामीणों ने विधायक पर भी झूठा वादा करने व छलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास अब आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
