कृषि विभाग व कृषि विज्ञान केंद्र ने खेतों की करायी है मिट्टी जांच
गढ़वा : गढ़वा जिले की मिट्टी में बेरॉन की उपलब्धता निर्धारित मात्रा से काफी कम है. इस वजह से यहां के किसानों की फसलों व सब्जियों का उत्पादन अपेक्षानुसार नहीं हो पा रहा है.
इसकी जानकारी के अभाव में अज्ञानतावश किसान बोरॉन की कमी को पूरा करने के लिए इससे संबंधित खाद का उपयोग करने के बजाय सामान्य खाद का उपयोग कर रहे हैं. कृषि विज्ञान केंद्र गढ़वा की ओर से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर उसकी जांच करायी गयी है. यह जांच आइसीएआर की क्षेत्रीय इकाई नेशनल ब्यूरो ऑफ स्वायल साईंस कोलकाता व बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में मृदा विज्ञान व कृषि रसायन विभाग ने संयुक्त रूप से की है.
जांच के बाद यह बात सामने आयी है कि सूक्ष्म पोषक तत्व के रूप में मिट्टी में शामिल रहनेवाला बेरॉन जिले की 70.8 प्रतिशत भूमि में निर्धारित मात्रा से कम है. इसे अपर्याप्त मानते हुए इसकी पूर्ति के लिए इससे संबंधित खाद का उपयोग करने की सलाह किसानों को दी गयी है.
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों को 250 किसानों के बीच उनके मिट्टी जांच से संबंधित कार्ड का वितरण किया गया है. इसमें उनके मिट्टी की कमियों एवं उसे दूर करने के उपायों को दर्शाया गया है. शेष क्षेत्रों से भी मिट्टी एकत्र कराकर उसकी जांच करायी जा रही है.
