टारगेट बनते हैं ग्रामीण बैंक

लुंज-पुंज सुरक्षा व्यवस्था के कारण अकसर – विनोद पाठक – गढ़वा : गढ़वा जिले में पिछले चार वर्ष से वनांचल ग्रामीण बैंक अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बना हुआ है. वर्ष 2009 से नवंबर 2013 तक जिले की विभिन्न शाखाओं में छह बार आपराधियों ने लूट को अंजाम दिया है. गढ़वा जिले में वनांचल ग्रामीण […]

लुंज-पुंज सुरक्षा व्यवस्था के कारण अकसर

– विनोद पाठक –

गढ़वा : गढ़वा जिले में पिछले चार वर्ष से वनांचल ग्रामीण बैंक अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बना हुआ है. वर्ष 2009 से नवंबर 2013 तक जिले की विभिन्न शाखाओं में छह बार आपराधियों ने लूट को अंजाम दिया है. गढ़वा जिले में वनांचल ग्रामीण बैंक की कुल 26 शाखाएं कार्यरत हैं.

इनमें सुरक्षा के नाम पर कुछ शाखाओं में लाठी के सहारे आधी उम्र से अधिक चौकीदार लगाये गये हैं, जबकि बैंक द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. जानकारी के मुताबिक वनांचल ग्रामीण बैंक की रमना शाखा में नौ जुलाई 2009 को अपराधियों ने 50 हजार की लूट की.

18 दिसंबर 2010 को विशुनपुरा में 4.79 लाख रुपये लूटे गये. वर्ष 2011 में जिला मुख्यालय के मझिआंव मोड़ स्थित सोनपुरवा शाखा से लगभग तीन लाख की लूट, 14 सितंबर 2011 को भवनाथपुर टाउनशिप स्थित शाखा से 3.21 लाख रुपये की लूट, छह नवंबर 2013 को गढ़वा कीसोह पचपड़वा शाखा से 76 हजार एवं 27 नवंबर 2013 को नगरउंटारी के बिलासपुर शाखा से 86 हजार की लूट हुई.

इन घटनाओं के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़कर जेल भी भेजा, लेकिन वारदात में कमी नहीं आयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >