डीडीसी ने मनरेगा कार्यो की समीक्षा बैठक की
गढ़वा : उप विकास आयुक्त उमाशंकर प्रसाद ने सात प्रखंडों के मनरेगा से जुड़े कनीय अभियंताओं (जेइ) से मापी पुस्तिका का ससमय निष्पादन नहीं करने एवं उनका एमआइएस नहीं कराने के कारण स्पष्टीकरण मांगा है. इनमें गढ़वा, धुरकी, खरौंधी, मझिआंव, रमकंडा, रमना, रंका एवं सगमा प्रखंड के कनीय अभियंता शामिल हैं.
इसके अलावा 17 नवंबर तक मनरेगा मजदूरों का एकांउट फ्रिजिंग पूरा नहीं करने पर बीपीओ एवं रोजगार सेवक के मानदेय भुगतान पर रोक लगाने की चेतावनी दी. उन्होंने यह निर्णय सोमवार को मनरेगा की समीक्षा के दौरान किया. समीक्षा में सभी प्रखंड के बीडीओ व कनीय अभियंता को बुलाया गया था.
समाचार के अनुसार उक्त प्रखंडों में मापी पुस्तिका का एमआइएस इंट्री लगभग शून्य है. इस पर डीडीसी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. जिले में अबतक 50 हजार एकांउट फ्रिजिंग का कार्य पूरा हुआ है. जबकि लगभग एक लाख एकांउट फ्रिजिंग का कार्य शेष बचा हुआ है.
उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मजदूरों का खाता बैंक अथवा पोस्टऑफिस जहां भी है, उनका एकांउट फ्रिजिंग नियत समय पर पूरा कर लेना होगा. समीक्षा के दौरान पाये गये 5237 जॉब कार्ड को सत्यापान के बाद निरस्त करने का निर्देश दिया गया. 17 नवंबर तक सभी प्रखंडों में मनरेगा से कुल 1.50 करोड़ रुपये खर्च करने के भी निर्देश दिये गये.
इसके अलावा कुल 1583 लंबित कूपों में से 150 लंबित कूपों को पूरा करने एवं जॉब कार्डधारी के खाता को आधार कार्ड से जोड़ने का निर्देश दिया गया. इंदिरा आवास की समीक्षा में उन्होंने आमसभा से चयनित इंदिरा आवास की सूची एवं पूर्व के इंदिरा आवास के क्रियान्वयन का प्रगति प्रतिवेदन भी जमा करने को कहा है. डीसी बिल की समीक्षा में पाया गया कि लगभग 18 करोड़ रुपये का डीसी लंबित पड़ा हुआ है. इनमें गढ़वा, नगरऊंटारी, कांडी, मझिआंव प्रखंड में डीसी बिल सर्वाधित लंबित है. इस अवसर पर मनरेगा कार्यालय प्रबंधक मिथिलेश कुमार एवं एमआइएस डाटा प्रभारी अभिमन्यु कुमार भी उपस्थित थे.
