विवाहित महिला के पुराने प्रेमी के साथ पकड़े जाने पर बैठी थी पंचायत
महिला के दो बच्चों के दावे को लेकर उलझा मामला
गोदरमाना(गढ़वा). भंडरिया प्रखंड के लीला पत्थर गांव में एक प्रेमी युगल का मामला यहां चर्चा का विषय बन गया है. बात पंचायत में पहुंची. पंचायती भी हुई. लेकिन अंतत: पंचायत भी मामला सुलझाने से असमर्थ रहा. अंत में दोनों दो जाति से आनेवाले इस प्रेमी युगल के मामले को उनके परिवार को सौंप दिया गया.
वाकया है कि लीलापत्थर गांव में गुरुवार की रात की है, जब ग्रामीणों ने एक प्रेमी युगल को आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद उन्हें कब्जे में लेते हुए रात भर कमरे में बंद रखा. सुबह होने पर दोनों को लेकर गांव में पंचायत बुलायी गयी.
पंचायत में मामला आया कि राजेश राम कश्यप की पत्नी मुनी देवी अपने घर में रंका के कंचनपुर निवासी जन्नत ठाकुर को बुलाकर रंगरेलियां मना रही थी. जब दोनों को पंचायत में तलब किया गया तो मालूम हुआ कि मुन्नी जब शादी से पूर्व अपने मायके रबदा में रहती थी, तभी से उसका प्रेम प्रसंग जन्नत के साथ चल रहा था.
वर्ष 2008 में मुन्नी की शादी लीलापत्थर निवासी राजेश राम कश्यप के साथ हो गयी, लेकिन दोनों के बीच अंतरंगता कम नहीं हुयी. इसी बीच विजयदशमी के दिन जन्नत ठाकुर उसके घर पहुंचा. यह बात जब ग्रामीणों को नागवार लगा तो उन्होंने उसके घर में ताला बंद कर दिया.
पंचायत में रंका, लीलापत्थर व गोदरमाना के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुये थे. जन्नत ठाकुर से पूछे जाने पर उसने बताया कि शादी के पहले से ही उसका मुन्नी से प्रेम संबंध है.इसके दोनों बच्चे भी उसी के हैं. वह मुन्नी के साथ दोनों बच्चों को आज भी रखने को तैयार है.
जब पंचायत में लड़की मुन्नी देवी से पूछा गया, तो उसने बताया कि ये दोनों बच्चे वास्तव में जन्नत के ही हैं. वह इसके साथ रहने को तैयार है. इस दौरान पति राजेश राम कश्यप ने बताया कि उसकी पत्नी का आचरण खराब है. वह उसको नहीं रखना चाहता, लेकिन उसने कहा कि दोनों बच्चे उसके हैं.
वह किसी कीमत पर बच्चों को मुन्नी के साथ नहीं जाने देगा. पंचायत में जब इसका कोई समाधान नहीं दिखा, तो दोनों के अभिभावकों को बुलाया गया. पंचायत ने दोनों के अभिभावकों के हवाले जन्नत व मुन्नी को करते हुए कहा कि यह मामला वे अपने-अपने समाज में ले जाकर इसका कोई समाधान निकालें.
