स्त्री की पूजा करना सीखें : आचार्य रत्नेशफोटो – प्रवचन करते कथा भास्कर आचार्य रत्नेशनगरऊंटारी (गढ़वा). पाल्हेकला ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में चल रहे मानस कथा के सातवें दिन कथा भास्कर आचार्य रत्नेश ने कहा कि नारी का अपमान व्यक्ति को नाश कर देता है. जिस घर-समाज या राष्ट्र में नारी का अपमान होता है, उसे नष्ट होेने में विलंब नहीं होता. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में सीता के चरित्र को सामने रख कर यह बताया गया है कि उन्हें पुत्री व माता की दृष्टि से देखनेवाले का उत्थान हुआ. मिथिलावासियों ने उन्हें पुत्री समझा तथा अयोध्यावासियों ने माता, लेकिन इसके विपरीत लंकावासियों ने उनका अपमान किया. जिसके चलते राक्षसों का विनाश हो गया. देवकी का अपमान करनेवाला कंस, द्रौपदी का अपमान करनेवाला दु:शासन भी विनाश को प्राप्त हुआ. हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जिन घरों में स्त्री की पूजा होती है, देवता वहीं निवास करते हैं. मानस रत्न अशोक दास ने कहा कि स्त्री का अपमान राष्ट्र का अपमान है. जटायु नामक पक्षी ने सीता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी तथा इतिहास में अमर हो गये.
स्त्री की पूजा करना सीखें : आचार्य रत्नेश
स्त्री की पूजा करना सीखें : आचार्य रत्नेशफोटो – प्रवचन करते कथा भास्कर आचार्य रत्नेशनगरऊंटारी (गढ़वा). पाल्हेकला ग्राम स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में चल रहे मानस कथा के सातवें दिन कथा भास्कर आचार्य रत्नेश ने कहा कि नारी का अपमान व्यक्ति को नाश कर देता है. जिस घर-समाज या राष्ट्र में नारी का अपमान […]
