भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी का मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी पर पलटवार
गढ़वा : भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है. गुरुवार को अखबार में छपे मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के बयान पर विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा है कि गलत चीज का विरोध करना गलत नहीं है.
विधायक श्री तिवारी ने रामचंद्र चंद्रवंशी द्वारा यह कहे जाने पर कि सत्येंद्रनाथ तिवारी मंत्री बनना चाहते हैं, इस पर उन्होंने कड़ा एतराज जताया. कहा कि कोई मंत्री किसी को मंत्री कैसे बना सकता है. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएचसी के निर्माण के लिए हुए टेंडर में जो अनियमितता बरती गयी, उस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले को उठाना कहीं से भी गलत नहीं है. इस समय पीएचसी के निर्माण को लेकर स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा गड़बड़झाला हुआ है. वे इस मुद्दे को आगे तक ले जायेंगे. जब तक इसकी जांच कर दोषी पर कार्रवाई नहीं होती है, तब तक वे चुप बैठनेवाले नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि सिर्फ मेराल प्रखंड के गेरूआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए हुए टेंडर तक यह मामला सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान जितने भी पीएचसी के टेंडर हुए, सब में नियमों की अनदेखी हुई है. एक संवेदक को दो जगहों से अयोग्य ठहरा दिया जाता है, वहीं तीसरे जगह उसको टेंडर भी दे दिया जा रहा है. साथ ही सिंगल टेंडर को भी फाइनल कर दिया जा रहा है. यह निविदा के नियमों का पूरी तरह उल्लंघन है. इससे स्पष्ट हुआ है कि रिश्वत लेकर टेंडर बांटे गये हैं. जांच में यह बात पूरी तरह से सामने आ जायेगी. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है. सरकार में रह कर सरकार की गलत चीजों का विरोध करना कहीं से गलत नहीं है.
शिकायत की जांच करायेंगे : रामचंद्र चंद्रवंशी : स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के पलटवार पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार किया. लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीएचसी के टेंडर में जब एक विधायक द्वारा मीडिया के माध्यम से शिकायत की गयी है, तो वे इसे गंभीरता से ले रहे हैं. उनके आरोपों की जांच करायी जायेगी.
इस बात को अखबार में आते ही उन्होंने स्वत: संज्ञान में लिया है. लेकिन विधायक श्री तिवारी उनके छोटे भाई के समान हैं. इस बात को मीडिया में ले जाने के पूर्व उनके साथ बैठ कर अथवा मुख्यमंत्री से मिल कर कह सकते थे. इस पर यदि कार्रवाई नहीं होती, तो वे इस बात को मीडिया तक ले जाते. लेकिन वे मंत्रालय अथवा मुख्यमंत्री के पास शिकायत को रखने की बजाय अखबार के माध्यम से अपने आरोप को प्रचारित कर रहे हैं.
इससे जाहिर होता है कि सत्येंद्रनाथ तिवारी सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए यह सब कर रहे हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रघुवर सरकार में भ्रष्टाचार बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
