विद्यालय में नहीं हुई है वसूली : प्रधानाध्यापक

गढ़वा. मेराल प्लस टू उवि के प्रधानाध्यापक नगीना राम ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उनके ऊपर लगाये गये आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. गुरुवार को उनके विद्यालय में नामांकन के नाम पर वसूली शीर्षक से छपे समाचार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंेने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने कहा […]

गढ़वा. मेराल प्लस टू उवि के प्रधानाध्यापक नगीना राम ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उनके ऊपर लगाये गये आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. गुरुवार को उनके विद्यालय में नामांकन के नाम पर वसूली शीर्षक से छपे समाचार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंेने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं थी. उन्होंने कहा कि बुधवार को उन्हें जानकारी दी गयी कि प्लस टू के फार्म के लिए उनके लिपिक द्वारा 10 रुपये विद्यार्थियों से लिये जा रहे हैं. जानकारी मिलते ही उन्होंने लिपिक को तत्काल राशि वापस करने का आदेश दिया. इसके पश्चात सभी बच्चों को लिए गये 10 रुपये वापस भी कर दिये गये थे. उन्होंने शुल्क में दुगुना वृद्धि की बात को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि विभागीय पत्र के अनुसार उन्हें 200 रुपये वार्षिक शुल्क लेना है. लेकिन उनके विद्यालय में 100 रुपये ही वार्षिक शुल्क लिया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में पिछले वर्ष से ही परिचय पत्र नहीं दिया जाता है. उन्होंने पंजीयन व फार्म भरने में किये गये दोषारोपण क ो भी पूरी तरह निराधार बताया. प्रधानाध्यापक श्री राम ने कहा कि यह आरोप विद्यार्थी परिषद की सोची समझी साजिश है. इससे उनकी छवि व विद्यालय के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया गया है. उन्होंने इसके पीछे पिछले 13 जून को विद्यालय के संस्कृत शिक्षक करुणा शंकर तिवारी व लिपिक ऊषा रानी के बीच हुए विवाद को कारण बताया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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