प्राथमिकी के 15 घंटे के अंदर अपहृत प्रमोद मुक्त
गढ़वा : भंडरिया के मरदा गांव निवासी प्रमोद केसरी के अपहरण के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार तीनों लोगों को जेल भेज दिया है. जबकि इस घटना में शामिल अन्य चार लोगों की सक्रियता से तलाश की जा रही है. गिरफ्तार किये गये अपराधियों में मरदा के टूनटून सिंह, सेहला लेस्लीगंज के मुर्तजा अंसारी तथा रंका के बरदरी गांव निवासी मनोज बैठा उर्फ श्रवण के नाम शामिल हैं.
इनके पास से चार देशी कट्टा, तीन मोबाइल एवं 12 जिंदा गोली भी बरामद किये गये हैं. शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार झा ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि प्रमोद केसरी को सकुशल मुक्त करा लिया गया है. अपराधियों ने प्रमोद केसरी का अपहरण कर बनखेता स्थित एक डैम के पास हाथ-पैर बांध कर रखा था. कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी थी कि बनखेता के पास कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ संदिग्धावस्था में हैं.
इस सूचना के बाद पुलिस वहां छापेमारी करने पहुंची, वहां छह अपराधी थे, वे पुलिस को देखते ही भागने लगे इसमें से तीन को दौड़ाकर पकड़ लिया गया. उल्लेखनीय है कि 11 फरवरी को मरदा अपने घर जाने के दौरान अमावती नाला के पास से संवेदक विनोद केसरी के भाई प्रमोद केसरी का अपहरण कर लिया गया था.
अपहरण के बाद अपराधियों ने रात्रि के 10 बजे प्रमोद के घर फोन कर 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी. इसके बाद घरवालों ने रात्री के दो बजे भंडरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के 15 घंटे के अंदर पुलिस अपहृत को मुक्त कराने में सफल हुई.
