गढ़वा : राजद नेता डॉ मक बूल आलम ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. डॉ आलम ने चुनाव के दौरान राजद की सदस्यता ग्रहण की थी. उन्होंने प्रेस को जारी इस्तीफा संबंधी पत्र में कहा है कि वर्तमान राजनीतिक हालात एवं बदलती परिस्थितियों के बीच राजद की भूमिका संदिग्ध है.
राजद दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यकों का हिमायती होने का दावा करती है, लेकिन बिहार में महादलित एवं अल्पसंख्यक विरोधी कार्य में जदयू का साथ दे रही है. उन्होंने कहा है कि झारखंड में राजद का राजनीतिक पटल से लुप्त हो जाना बहुत कुछ बयान कर रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड में हार के बावजूद राजद की ओर से कभी भी इसकी समीक्षा नहीं की गयी. इससे यह पता चलता है कि भविष्य में भी यह पार्टी अपनी गलतियों से सीखनेवाला नहीं है.
उन्होंने राजद के प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि हारने के बाद भी इन्होंने अपनी जिम्मेवारी और नैतिक मूल्यों को नहीं समझा है. ऐसे दल में रहना उनके आदशरें के साथ अन्याय है. इसलिए वे पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे अभी किसी दूसरे राजनीति पार्टी में शामिल होनेवाले नहीं हैं.
