घाघरा चूना पत्थर खदान बंद

।। विजय सिंह ।। भवनाथपुर (गढ़वा) : भवनाथपुर आरएमडी माइंस की घाघरा स्थित चूना पत्थर खदान शुक्रवार से पूरी तरह बंद कर दी गयी. यह भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड द्वारा संचालित पलामू प्रमंडल का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है. खदान बंद होने से यहां कार्यरत 168 टोकनधारी मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. इससे मजदूरों में […]

।। विजय सिंह ।।

भवनाथपुर (गढ़वा) : भवनाथपुर आरएमडी माइंस की घाघरा स्थित चूना पत्थर खदान शुक्रवार से पूरी तरह बंद कर दी गयी. यह भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड द्वारा संचालित पलामू प्रमंडल का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है. खदान बंद होने से यहां कार्यरत 168 टोकनधारी मजदूर बेरोजगार हो गये हैं. इससे मजदूरों में आक्रोश है.

* क्यों बंद हुई खदान

खदान बंद होने का कारण प्रदूषण, पर्यावरण के मामले लीज नवीकरण का क्लीयरेंस नहीं होना है. साथ ही दो वर्षो का एकरारनामा समाप्त होना भी है. 14-08- 2011 से 14-08-2013 तक संबंधित संवेदक से प्रबंधन द्वारा एकरारनामा कर खदान दी गयी थी. 1.20 लाख मीट्रिक टन पत्थरों का उत्खनन डिस्पैच का लक्ष्य तय किया गया था. प्रबंधन सूत्रों के मुताबिक, 30 जून तक उक्त खदान से 1.31 888 मीट्रिक टन का उत्पादन डिस्पैच हुआ.

तय अवधि से साढ़े चार माह पूर्व अप्रैल 2013 में ही लक्ष्य से अधिक 11888 मीट्रिक टन उत्खनन किया गया. इसके बाद 24 अप्रैल 2013 से खदान से उत्खनन कार्य बंद कर दिया गया. हालांकि डिस्पैच कार्य चलता रहा. शुक्रवार से इसे भी बंद कर दिया गया.

* 282 कर्मचारी कार्यरत थे

23 अक्तूबर 1972 को घाघरा चूना पत्थर खदान में उत्खनन कार्य शुरू हुआ था. तब यहां सेल के 1200 कर्मचारी कार्यरत थे. उस वक्त 7-8 लाख मीट्रिक टन चूनापत्थर का उत्खनन होता था. वर्ष 1995-96 में मैक्नाइज (मशीन से) काम बंद कर मैन्यूअल कार्य प्रारंभ किया गया. वर्तमान में 282 कर्मचारी कार्यरत थे.

– भवनाथपुर (गढ़वा)

* 168 टोकनधारी मजदूर हुए बेरोजगार

* 60 हजार मीट्रिक टन चूना पत्थर का होता था उत्खनन

* कुछ कारणों से खदान बंद की गयी है. प्रबंधन मजदूरों के हित के बारे में सोच रहा है.

एमआर सलोरिया

उप महाप्रबंधक (प्रभारी)

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