सांप बेच के खाता खोलनीं फिर भी न मिलल आवास

गढ़वा : मझिआंव प्रखंड के आछोडीह में मुसहर जाति से एकमात्र रहता है रामप्रवेश मुसहर का परिवार. उसके परिवार में आठ सदस्य हैं.इनके जीविकोपाजर्न का एकमात्र साधन है सांप दिखा कर लोगों का मनोरंजन करना और उनसे मिले अनाज अथवा राशि से अपना जीविकोपाजर्न करना. रामप्रवेश मुसहर का दर्द है कि वह इंदिरा आवास के […]

गढ़वा : मझिआंव प्रखंड के आछोडीह में मुसहर जाति से एकमात्र रहता है रामप्रवेश मुसहर का परिवार. उसके परिवार में आठ सदस्य हैं.इनके जीविकोपाजर्न का एकमात्र साधन है सांप दिखा कर लोगों का मनोरंजन करना और उनसे मिले अनाज अथवा राशि से अपना जीविकोपाजर्न करना. रामप्रवेश मुसहर का दर्द है कि वह इंदिरा आवास के लिए पिछले दो वर्ष से लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाया. लेकिन नहीं मिला.

हार कर अब गढ़वा उपायुक्त के पास फरियाद लेकर आया है. उपायुक्त को उसने लिखित आवेदन देकर सिर्फ अपने लिए इंदिरा आवास की मांग की है, बल्कि प्रखंड कार्यालय पर दो वर्ष तक परेशान करने का आरोप भी लगाया है.

रामप्रवेश ने कहा कि उसे प्रखंड कार्यालय से साल भर पहले कहा गया कि उसका इंदिरा आवास स्वीकृत हो गया है. लेकिन इसके लिए उसे बैंक में खाता खोलवाना है. रामप्रवेश ने कहा कि उसके पास पैसे नहीं थे, तो उसने अपना रोजगार का आधार एक चिताबरवर सांप को 350 रुपये में बेच कर तथा 150 रुपये दूसरे से लेकर बैंक में खाता खोलवाया.

लेकिन इसके बाद भी उसे इंदिरा आवास नहीं मिला. जब उसने गांव के कांग्रेसी नेता सह प्रखंड अध्यक्ष सीताराम दुबे से पता किया तो उसने कहा कि तुम्हारा इंदिरा आवास सूची से काट कर दूसरे को दे दिया गया.

इसके बाद रामप्रवेश पूरी तरह से आक्रोश में है. उसने कहा कि जीने का साधन सांप रहे, ओकरा बेचके खाता खोलवइल और फिर भी इंदिरा आवास मिलल. अब हमर जीविको पर संकट बा. वह अपने परिवार के साथ रविवार को डीसी के यहां मिलने पहुंचा और उन्हें आवेदन देकर जांच की मांग की.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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