केतार(गढ़वा) : केतार प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत काम करनेवाले मजदूरों का भुगतान नहीं किये जाने से उनके समक्ष पलायन की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. राशि नहीं मिलने के कारण हजारों जॉब कार्डधारी भुखमरी के कगार पर हैं.
प्रखंड के अतिपिछड़ा पंचायत परती कुसवानी और पाचाडूमर पंचायत से रोजगार के अभाव में काफी लोग पलायन कर चुके हैं. वहीं पुरुषों के नहीं रहने के कारण जो महिलाएं काम की है, उन्हें अबतक मजदूरी नहीं मिलने से उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. विदित हो कि परती कुसवानी पंचायत में 650 जॉब कार्डधारी हैं. इसमें से 200 जॉब कार्डधारियों ने पंचायत में चल रहे आठ योजनाओं में काम शुरू किया था.
लेकिन राशि नहीं मिलने के कारण उन योजनाओं को बीच में ही बंद कर दिया गया. काम करने के बावजूद अबतक उन्हें भुगतान नहीं हो सका, जिसके कारण घर का चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है. इसी तरह पाचाडूमर पंचायत में 900 जॉबकार्डधारी है. इनमें से 500 मजदूरों ने पंचायत में चल रहे 10 योजनाओं में काम किया था, जिसे बीच में ही राशि के अभाव में बंद कर दिया.
जबकि केतार पंचायत के 750 में 250 जॉब कार्डधारियों ने पांच योजनाओं में, मुकुंदपुर पंचायत के 950 में से 300 कार्डधारियों ने छह योजनाओं में, बलिगढ़ पंचायत के 920 में से 600 जॉब कार्डधारियों ने 11 योजनाओं में तथा लोहरगाड़ा पंचायत में संचालित तीन योजनाओं में 650 जॉब कार्डधारियों में से 150 लोगों ने काम किया था. लेकिन अबतक उनका भुगतान मनरेगा से नहीं हो सका. काम करने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से इन जॉब कार्डधारियों में सरकार के प्रति काफी रोष है.
