गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट
Garhwa News: खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले गढ़वा जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है. उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देश पर जिलेभर में जॉइंट इनफोर्समेंट टीम ने उर्वरक प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया. इस बड़ी कार्रवाई से खाद विक्रेताओं और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है.
प्रशासन ने मांगा स्पष्टीकरण
प्रशासन द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार, जिले के अलग-अलग प्रखंडों में कुल 94 उर्वरक दुकानों की जांच की गई. इस दौरान 33 प्रतिष्ठानों में स्टॉक और वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं. जांच टीम ने इन सभी विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही निर्देश दिया गया है कि वे अपने सभी रिकार्ड और व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करें.
अभियान आगे भी जारी रहेगा
डीसी मित्तल ने कहा कि किसानों को सही दर और सही समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना शासन प्रशासन की प्राथमिकता है. कालाबाजारी या कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की किल्लत न हो, इसके लिए उपायुक्त अनन्य मित्तल ने हाल ही में बैठक ली थी. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जाए. इसी बैठक के बाद जिले भर में यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की गई.
किसानों से सूचना देने की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना टोल फ्री नंबरों पर दें जिससे कि तुरंत कार्रवाई की जा सके.
जांच के दौरान इन बिंदुओं पर मांगा गया जवाब
स्टॉक पंजी व वितरण पंजी: क्या खाद का स्टॉक और उसकी बिक्री का रिकॉर्ड सही है?
पॉस मशीन: क्या डिजिटल माध्यम से ही बिक्री की जा रही है?
लाइसेंस व सूचना पट्ट: दुकान में लाइसेंस की कॉपी और मूल्य सूची का बोर्ड लगा है या नहीं?
यह भी पढ़ें: ममता की प्रतिमूर्ति बीजो देवी: गुमला में 52 अनाथ बच्चों के लिए बनीं ‘यशोदा मां’, माड़ पिलाकर पाला-पोसा
यह भी पढ़ें: गुमला में अपहरणकर्ताओं को चकमा दिया 5वीं का छात्र, मासूम ने अपराधियों के मंसूबों पर फेरा पानी
