गढ़वा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मायाशंकर राय की अदालत में चिनिया निवासी मोजीबुल्लाह अंसारी को भादवि की धारा 304(बी) व 3/4 दहेज अत्याचार निवारण अधिनियम तथा दहेज अधिनियम का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. समाचार के अनुसार गुमला जिला के राजा कॉलोनी वार्ड तीन निवासी मीरा हमीद ने छह नवंबर 2011 को गढ़वा थाना कांड संख्या 446/11 में आरोप लगाया गया था कि मोजीबुल्लाह उर्फ गुड्डू की शादी उसकी पुत्री फरहाजामा के साथ मुसलिम रीति-रिवाज के साथ वर्ष 2007 में हुई थी. दहेज में मोटरसाइकिल नहीं देने के कारण केरोसिन छिड़क कर जान मारने की नियत से उसकी पुत्री के शरीर में आग लगा दी थी. आरोप था कि दहेज में मोटरसाइकिल नहीं देने के कारण उसे मारने का प्रयास किया गया. बाद में उसकी रांची में इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी थी. इस मामले में नौ साक्षियों के बयान कलमबद्ध करने के बाद मोजीबुल्लाह को न्यायालय ने शुक्रवार को ही दोषी पाया था.शनिवार को उसे सजा सुनायी गयी. इसमें अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक टीएन उपाध्याय ने तथा बचाव पक्ष की ओर से गौतम कृष्ण सिन्हा ने पैरवी की.
दहेज हत्या के अभियुक्त को आजीवन कारावास
गढ़वा. जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम मायाशंकर राय की अदालत में चिनिया निवासी मोजीबुल्लाह अंसारी को भादवि की धारा 304(बी) व 3/4 दहेज अत्याचार निवारण अधिनियम तथा दहेज अधिनियम का दोषी पाते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी. समाचार के अनुसार गुमला जिला के राजा कॉलोनी वार्ड तीन निवासी मीरा हमीद ने छह […]
