बच्चों का भविष्य शिक्षकों के हाथों में

नगरऊंटारी (गढ़वा) : जिले के उपायुक्त डॉ मनीष रंजन ने गुरुवार को अनुमंडल सभागार में अनुमंडल स्थित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापकों की क्लास लगायी तथा बच्चों के भविष्य को गढ़ने का टिप्स दिया. उपायुक्त ने प्रधानाध्यापकों से कहा कि शिक्षक से अच्छा कोई जीवन नहीं है. अगले जन्म में हम शिक्षक बनना ही पसंद करेंगे. […]

नगरऊंटारी (गढ़वा) : जिले के उपायुक्त डॉ मनीष रंजन ने गुरुवार को अनुमंडल सभागार में अनुमंडल स्थित उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापकों की क्लास लगायी तथा बच्चों के भविष्य को गढ़ने का टिप्स दिया. उपायुक्त ने प्रधानाध्यापकों से कहा कि शिक्षक से अच्छा कोई जीवन नहीं है. अगले जन्म में हम शिक्षक बनना ही पसंद करेंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि सकारात्मक सोच से हम बच्चों का भविष्य बना सकते हैं.
उन्होंने प्रधानाध्यापकों से धैर्य रखते हुए एक-एक बच्च से जुड़ने तथा उनकी समस्या को समझने की बात कही. उपायुक्त ने मॉडल टेस्ट लेने के लिए जैक से प्रश्न पत्र डाउनलोड करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय रूपी जहाज के कैप्टन हैं. जिम्मेवारी से आप नहीं बच सकते. उन्होंने कहा कि आप जो कार्य करते हैं तथा इस कार्य के बदले सरकार जो आपको भुगतान करती है, उसी से आपके घर में चावल-दाल आता है व चूल्हा जलता है.
उपायुक्त ने अपने व पराये बच्चों में भेद समाप्त कर स्कूल में आने वाले बच्चों को अपना बच्च मानने की बात कही. उन्होंने कहा कि जिसने खेत की रखवाली के लिए आपको दीवार बनाया, लेकिन हम बकरी बन गये व खुद खेत चरने लग गये. उन्होंने उपस्थित प्रधानाध्यापकों से मानसिकता बदलने की बात कही तथा इस संबंध में कई प्रेरक कहानियों को सुनाया. उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावकों को लगना चाहिए की आपके जैसा शिक्षक कभी नहीं आये. उन्होंने शिक्षकों से समय के महत्व को समझने तथा बच्चों के हित में समय का सदुपयोग करने को कहा. उन्होंने प्रधानाध्यापकों को लक्ष्य निर्धारित शिक्षा देने की बात कही. मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >