भवनाथपुर. भवनाथपुर प्रखंड में केंद्र सरकार की मनरेगा योजना में मनरेगा कर्मियों की मिली भगत से गड़बड़ी का आरोप है. पौधारोपण कार्य में फर्जी तरीके से मजदूरों के नाम से डिमांड चलाया जा रहा है. मामला पंडरिया पंचायत के घाघरा के करमाही टोला का है. मनरेगा योजना से करमाही गांव में वर्ष 24-25 में अरुण यादव के खेत में पौधारोपण कार्य की स्वीकृति 28 दिसंबर 2024 को मिली. पौधारोपण कार्य किया गया या नहीं इसका जवाब किसी के पास नहीं है. पर अबतक योजना के नाम पर 22,848 रुपये निकाल लिये गये. इस मामले का पता तब चला जब खेतों में एक भी पौधा नहीं मिला. जिस जगह योजना दर्शायी गयी है, वहां सिर्फ जंगल-झाड़ तथा पलाश के छोटे-छोटे पेड़ है. वृक्षों को पटवन, साफ सफाई के नाम पर बगैर मजदूर लगाये सात मजदूरों के नाम पर सात मार्च से 13 मार्च तक का डिमांड चलाया जा रहा है. इसमें विमला देवी, अनिता देवी, कमोदा देवी, पूजा देवी, विसु कोरवा, ममता देवी व रामचंद्र कोरवा का डिमांड में नाम शामिल हैं. जबकि योजना स्थल पर जब प्रतिनिधि पहुंचे, तो वहां कोई भी मजदूर नहीं था, न ही कोई पौधा था. मनरेगा में इस तरह का गड़बड़झाला पंडरिया पंचायत में ही नहीं कमोबेश लगभग सभी पंचायत में हो रहा है. इस मामले में बीपीओ आनंद कुमार ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
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