रंका : रंका में भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गयी. भगवान ठाकुरबाड़ी मंदिर से निकल कर मौसीबाड़ी पहुंचे. इससे पहले भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा को गाजे – बाजे के साथ नगर भ्रमण कराया गया. नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने घर के सामने पूजा – अर्चना की. तत्पश्चात भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र, बहन सुभद्रा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रथ पर बैठाया गया.
इस दौरान काफी संख्या श्रद्धालु भगवान को दर्शन करने के लिए उमड़ पड़े. रथ ठाकुरबाड़ी मंदिर से निकल कर फुलवाड़ी स्थित मौसीबाड़ी पहुंचा. वहां 108 दीप जलाकर महाआरती की गयी. रथ को श्रद्धालुओं ने खींचकर मौसीबाड़ी पहुंचाया. राजा कुमार गोवर्धन प्रसाद सिंह ने बताया कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है.
इसकी शुरुआत राजा कृष्ण दयाल सिंह 325 वर्ष पूर्व की थी. तबसे रंका गढ़ से रथयात्रा निकालने की परंपरा चलती आ रही है. इस अवसर पर आस पास के सैकड़ों श्रद्धालु ठाकुरबाड़ी मंदिर पहुंच कर भगवान को दर्शन करते हैं. पुजारी ललु ओझा, सत्यनारायण ओझा, बालेश्वर दुबे ने विधिवत शंखनाद के साथ भगवान रथ पर बैठाया. इस अवसर पर कुमार गुलाब सिंह, कुमार गौरव सिंह, सुमन सिंह, दिलीप कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह, पारसनाथ पांडेय, दीनबंधु पांडेय, टीकु सिंह आदि उपस्थित थे.
