केतार : केतार प्रखंड के परसोडीह में पंडा नदी पर पुल का निर्माण तीन बार शिलान्यास किये जाने सात साल बाद भी अब तक अधूरा है. उक्त पुल का शिलान्यास सबसे पहले वर्ष 2012-13 में तत्कालीन सांसद कामेश्वर बैठा और विधायक अनंत प्रताप देव ने किया था. तब इस पुल का निर्माण 1.40 करोड़ में होना था.
लेकिन पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ. पुन: दुबारा इसी पुल को वर्ष 2015-16 में नौजवान संघर्ष मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष भगत दयानंद यादव ने किया. इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ. परंतु दो पाया के पिलिंथ स्तर तक कार्य होने के बाद बंद हो गया, तबसे लगातार कार्य बंद ही रहा. इसके बाद महज सात महीने पूर्व क्षेत्रीय विधायक भानु प्रताप शाही ने तीसरी बार इस पुल का शिलान्यास किया. इस बीच पुल निर्माण की लागत पहले से बढ़ कर तीन करोड़ (दोगुना से अधिक) हो गयी.
इस दौरान शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक श्री शाही ने कहा था कि हर हाल में बरसात के पहले इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जायेगा. किंतु स्थिति यह है कि शिलान्यास के सात माह बीत जाने व बरसात आ जाने के बाद भी पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.
बार-बार इस प्रकार के छलावा से स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. केतार के जिप सदस्य ज्वाला प्रसाद, मुखिया अनिल पासवान, संजय वर्मा, सत्येंद्र गुप्ता, विरेंद्र वर्मा, बच्चू बैठा, उदय मेहता आदि ने कहा कि पुल नहीं बनने से पंडा नदी उस पार स्थित निर्माणाधीन उच्च विद्यालय, स्वास्थ्य उपकेंद्र और पंचायत भवन का कार्य पूरी तरह बंद हो जाता है. वहीं खासकर बरसात में बांसडीह कला, बांसडीह खूर्द, ताली, कधवन, खैरवा, कोसडीहरा आदि गांव के लोगों को इस पार आने में काफी परेशानी हो जाती है. इन ग्रामीणों को तीन किमी दूर बांसडीह गांव स्थित पुल को पार कर प्रखंड मुख्यालय आना पड़ता है.
