वृद्धावस्था पेंशन भी नहीं मिल रही

खुद को जीवित बताने के लिए परेशान है अलिहो मझिआंव(गढ़वा) : मझिआंव बाजार निवासी स्वर्गीय दुखी खलीफा की पत्नी 80 वर्षीय अलिहो बीबी पिछले कई महीनों से अपने को जीवित साबित करने के लिए प्रखंड कार्यालय एवं डाक घर का चक्कर लगा रही है. लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिल पायी है. अलिहो बीबी […]

खुद को जीवित बताने के लिए परेशान है अलिहो

मझिआंव(गढ़वा) : मझिआंव बाजार निवासी स्वर्गीय दुखी खलीफा की पत्नी 80 वर्षीय अलिहो बीबी पिछले कई महीनों से अपने को जीवित साबित करने के लिए प्रखंड कार्यालय एवं डाक घर का चक्कर लगा रही है. लेकिन अभी तक उसे सफलता नहीं मिल पायी है.

अलिहो बीबी को प्रखंड कार्यालय से मृत घोषित करते हुए वृद्धापेंशन 2012 से ही बंद कर दिया गया है. उसने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि पिछले सात जून 2012 को उसे दो महीने का 800 रुपये वृद्धापेंशन डाकघर से मिली थी. इसके बाद से वह उसकी वृद्धापेंशन बंद है. तब से वह कभी डाकघर, तो कभी प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रही है.

इस संबंध में डाकघर के उप डाकपाल द्वारा बताया गया कि प्रखंड कार्यालय से 20 मार्च 2014 को वृद्धा पेंशनधारियों को जो सूची भेजी गयी है, उसमें अलिहो बीबी के नाम के आगे मृत घोषित कर दिया गया है. विदित हो कि अलिहो बीबी को सात जून 2012 के बाद से ही पेंशन नहीं मिली है. जबकि उसे मृत घोषित 20 मार्च 2014 को दिखाया गया है. इस परिस्थिति में उसके बीच की पेंशन की राशि कहां जायेगी, यह भी जांच का विषय है.

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