धुरकी(गढ़वा) : भीषण गर्मी के कारण प्रखंड में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गयी है. गरमी के कारण यहां के नदी-नाले व चापानल जवाब दे चुके हैं. इसके कारण खासकर मवेशियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दूषित पानी पीने के कारण बड़ी संख्या में यहां मवेशी बीमार पड़ रहे हैं.
पशु केंद्र में उनके इलाज के लिए मुक्कमल व्यवस्था नहीं की गयी है. प्रखंड के कुंबाकला गांव के बीवा टोला पर चुआड़ी खोद कर पशुओं को पानी पीलाया जा रहा है. प्रखंड मुख्यालय में स्थित बड़ा तालाब भी इस वर्ष सूख गया है. थोड़ी बहुत पानी कहीं बचा भी है, तो वे दूषित हो चुके हैं.
दूषित पानी पीने के कारण अब तक यहां एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है. इससे किसानों की कमर टूट गयी है. किसान अनिल यादव, इबरार अंसारी, बिगन कोरवा, हसमत अली, बेलाल अंसारी, एकराम अंसारी, इंद्रीश अंसारी आदि ने बताया कि दूषित पानी पीने के कारण उनके पशुओं की मौत हो गयी है.
उक्त किसानों ने कहा कि अब बरसात आनेवाली है, ऐसे में उनके पशुओं के मरने के कारण उनका खेतीबाड़ी प्रभावित होगी. वहीं पेयजल की समस्या से भी लोग जूझ रहे हैं. धुरकी थाना परिसर में लगे पांच चापानल सूख गये हैं. यहां आधा किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाया जा रहा है. उधर बीडीओ प्रभात कुमार ने कहा कि पानी की व्यवस्था के लिए जिला में रिकॉर्ड भेजे हैं. स्वीकृति मिलते ही व्यवस्था करायी जायेगी.
– अनूप जायसवाल –
