वक्त गुजर रहा है पानी की जुगाड़ में

तप रहा है जेठ, सूख रहे हैं हलक, जल संकट भी गहराया गढ़वा : गढ़वा शहर में तपती जेठ के बीच पेयजल संकट भी पूरी तरह से गहरा गया है. लगातार भीषण गरमी एवं यहां की जीवनरेखा दानरो नदी के सूख जाने के कारण हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गढ़वा नगर पंचायत क्षेत्र […]

तप रहा है जेठ, सूख रहे हैं हलक, जल संकट भी गहराया

गढ़वा : गढ़वा शहर में तपती जेठ के बीच पेयजल संकट भी पूरी तरह से गहरा गया है. लगातार भीषण गरमी एवं यहां की जीवनरेखा दानरो नदी के सूख जाने के कारण हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गढ़वा नगर पंचायत क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है.

विशेष रूप से दानरो नदी के सूखने के साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का जलापूर्ति के लिए बनाया गया कुआं भी जवाब दे दिया है. इसके कारण नगर पंचायत की ओर से होनेवाली जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो गयी है. लोगों के घरों में की गयी निजी बोरिंग एवं सरकारी चापानल भी जवाब दे चुके हैं. इससे शहरवासियों के समक्ष पानी का गंभीर संकट हो गया है. शहर की एक बड़ी आबादी पीने के पानी के लिए रात-दिन भटकती नजर आ रही है. इने-गिने चापानलों पर जहां जलस्तर बरकरार है, वहां देर रात तक पानी लेने के लिए लोग मशक्कत करते हैं. यह स्थिति पिछले 15 दिन से बनी हुई है.

दिनों-दिन पानी का संकट और बढ़ता जा रहा है. और यह स्थिति तब तक बनी रहेगी, जब तक मॉनसून की अच्छी बारिश नहीं हो जाती. मई-जून में पानी के इस संकट के निराकरण के लिए नगर पंचायत की ओर से शहरवासियों को टैंकर से जलापूर्ति की जाती रही है. लेकिन इस वर्ष नगर पंचायत से यह व्यवस्था शहरवासियों को नहीं मिल रही है. इसके कारण नगर पंचायत के प्रति शहरवासियों में काफी रोष देखा जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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