बिशुनपुरा : प्रखंड के सोनडीहा गांव स्थित बांकी नदी पर पांच प्रखंड के करीब 20 हजार एकड़ भूमि को सिंचित करनेवाले बीयर का समुचित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है़ वियर से निकले दो नहरो की सफाई, मरम्मत व उड़ाही हुए कई साल बीत गये है़ं इस वजह से किसानो के खेतो में पानी नहीं पहुंच पा रहा है़
इसको लेकर किसानों में विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है़ ग्रामीणों ने बताया कि बीयर से बायीं व दायीं दोनों नहर से कई गांव के किसानों के खेतों में पानी पहुंचता था़ लेकिन बीयर के ऊपर तक बालू व मिट्टी भर जाने से पानी का रुकाव नहीं हो पा रहा है़ इस बीयर से निकले दायीं व बायीं नहर दर्जनों जगह नहर की बांध पुल व पुलिया टूट गयी है़
इसके कारण पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है़ विदित हो की बांकी नदी में बने बियर का पानी रोकनेवाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है़ मशीन में जंग लग गयी है़ बीयर के ऊपर ढलाई भी पूरी तरह टूट गया है़ यह झरोखा जैसा दिखता है़ उक्त नदी में बने पानी को रोकनेवाला नदी के बीचो बीच का गेट आधा से अधिक टूट चुका है़ इससे पानी का बहाव हो जाता है़
कौन-कौन गांव होता था सिंचित
इस बीयर के नहर से सोनडीहा, अमहर, मधुरी, महुली कला, कोचेया, बिशुनपुरा, पतागड़ा कला, संध्या, जतरोबंजारी, सेमरी, आदर, सुखनदी, खरडीहा, बरडीहा, कांडी, रकेयाढेरी, दवनकारा, बंका, पतहरिया, सोनपुरवा, हरिगावां, बूढीखाड़, सुड़ीपुर, आमर आदि गांव के किसानों को इसका लाभ मिलता था़ इससे करीब 20 हजार एकड़ से अधिक भूमि की सिंचाई होती थी़ इस नहर से बिशुनपुरा, मेराल, मझिआंव, बरडीहा एवं कांडी पांचों प्रखंड के किसान लाभान्वित होते थे़
क्या कहते हैं ग्रामीण
इस मामले में बिशुनपुरा के ग्रामीण रमेश प्रसाद, गोपाल मेहता, अखिलेश यादव, विमलेश मेहता, कमलेश यादव, सुरेश राम, शिवनाथ प्रसाद ने कहा कि बांकी नदी पर बना बीयर व नहर को नये सिरे से मरम्मत करने की आवश्यकता है़ इसके नहर को पक्कीकरण किया जाना चाहिए़ इस नहर पर किसान आश्रित है़ं ग्रामीणों ने कहा कि इस समस्या को लेकर वे विधायक व सांसद से भी मिल चुके है़ं लेकिन स्थिति यथावत बनी हुई है़
