रोटी के लाले, मजदूरों का पलायन

भवनाथपुर(गढ़वा) : सेल आरएमडी माइंस भवनाथपुर के चूना पत्थर खदान बंद हो जाने के बाद बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्यत्र पलायन करने को विवश हैं. खदान खोलने की मांग को लेकर मजदूरों ने तीन माह तक धरना एवं प्रदर्शन किया.लेकिन उन्हें काम मिलने की बात तो दूर, कई मजदूरों को सेवानिवृत्ति […]

भवनाथपुर(गढ़वा) : सेल आरएमडी माइंस भवनाथपुर के चूना पत्थर खदान बंद हो जाने के बाद बड़ी संख्या में मजदूर काम की तलाश में अन्यत्र पलायन करने को विवश हैं. खदान खोलने की मांग को लेकर मजदूरों ने तीन माह तक धरना एवं प्रदर्शन किया.लेकिन उन्हें काम मिलने की बात तो दूर, कई मजदूरों को सेवानिवृत्ति के बाद भी फाइनल सेटलमेंट के भुगतान के लिए कोलकाता एवं पटना का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

इस मामले को लेकर यूनियन नेता प्रदीप चौबे मजदूरों को लेकर दो बार कोलकाता व पांच बार पटना गये. खदान बंद होने के कारण 169 मजदूर बेरोजगार हो गये हैं, तथा उनके साथ जुड़े सैकड़ों लोग अब रोजगार के लिए अन्यत्र पलायन करने को विवश हैं. विदित हो कि वर्ष 1965-70 में इस खदान की स्थापना की गयी थी.

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