गढ़वा नगर परिषद प्लास्टिक मुक्त घोषित किया गया
गढ़वा : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला प्रशासन ने गुरुवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया. रामासाहू आर्यवैदिक उवि स्थित प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करनेवाली सैकड़ों महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. साथ ही इस दौरान 34 महिला पर्यवेक्षिकाओं के बीच स्कूटी भी वितरित की गयी़ स्वयं सहायता समूह की 375 ग्रुप के बीच 3.61 करोड़ रुपये का चेक भी वितरित किया गया़ इसी कार्यक्रम में गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त घोषित किया गया़ अब शहर में एसएचजी महिलाओं द्वारा तैयार किया गया कपड़े का झोला ही उपयोग में लाया जा सकेगा़ एक झोला के वितरण के लिए एक दुकान भी खोली जायेगी़, जिसका पूरा संचालन एसएचजी ही करेंगी़
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी व विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी, उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा, जिप अध्यक्ष विकास कुमार तथा नगर परिषद अध्यक्ष पिंकी केसरी उपस्थित थी़ं कार्यक्रम में बोलते हुए मंत्री श्रीचंद्रवंशी ने कहा कि भारत देश की महिलाओं पर हमें गर्व होनी चाहिए़ देश की महिलाओं ने शुरू से ही पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम किया है़ उन्होंने कहा कि गढ़वा जिले का यह आयोजन ऐतिहासिक है़ राज्य व केंद्र सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है़ राज्य के 9.9 लाख महिलाओं की किचन संबंधी समस्याओं के मद्देनजर उनके बीच गैस कनेक्शन व चूल्हा आदि का वितरण किया गया है़ महिलाएं सुरक्षित रहें और उनकी इज्जत बनी रहे़
इसके लिए प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण किया जा रहा है़ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री लाडली योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, विधवा सम्मान योजना, कौशल विकास योजना आदि महिलाओं के बेहतरी को ध्यान में रखकर ही शुरू की गयी है़ं इसके अलावा एक रुपये में 50 लाख रुपये तक के जमीन का निबंधन महिलाओं के नाम पर हो रही है़ राज्य में 1.25 लाख सखी मंडल से जुड़ी 18 लाख महिलाओं को रोजगार दिया गया है़ 90 प्रतिशत अनुदान पर दो-दो गायों का लाभ महिलाओं को दिया जा रहा है़
सरकार महिलाओं के विकास के लिए समर्पित : सत्येंद्रनाथ
इस अवसर पर विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि भाजपानीत सरकार महिलाओं के विकास के लिए समर्पित है़ जिस देश या घर में महिलाओं का सम्मान होता है़ वहां सुख व समृद्धि बनी रहती है़ महिलाओं में दैविय शक्ति होती है़ महिला द्वारा निकाली गयी आह जल्दी ही असर दिखाने लगती है़ इसलिए हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए़ उन्होंने कहा कि सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि किस प्रकार महिलाओं को पुरुषों के समानांतर खड़ा किया जा सके़ उन्होंने कहा कि हम सभी को दहेज, बाल-विवाह आदि सामाजिक बुराइयों का विरोध करना होगा़ इसके पूर्व कार्यक्रम में महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की सामाजिक बुराइयों पर आधारित नुक्कड़ नाटक, गीत आदि की प्रस्तुति की.
