गढ़वा : गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर चार की सबसे बड़ी समस्या पेयजल का है. वार्ड पार्षद संजय ठाकुर द्वारा बीते पांच वर्ष में वार्ड को पेयजल की गंभीर समस्या से निदान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन वार्ड में समुचित रूप से पेयजल की व्यवस्था बहाल नहीं की जा सकी है. वहीं वार्ड के पूर्वी क्षेत्र जो सरस्वती नदी से लगा हुआ है, उसमें गंदगी के अंबार से बीमारी फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है. वार्ड के आधे आबादी के शौचालय व नाली का पानी सरस्वती नदी में गिरता है, जिससे नदी का पानी पूरी तरह से विषाक्त हो गया है, जो मवेशियों के पीने लायक भी नहीं है.
नदी में चारों तरफ आये दिन लोग खुले में शौच करते देखे जा सकते हैं. वैसे तो 31 अगस्त 2017 को ही नगर परिषद कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, लेकिन इस वार्ड में अभी भी लोग खुले में शौच जाते हैं. यद्यपि खुले में शौच से मुक्त करने को लेकर वार्ड पार्षद द्वारा सरस्वती नदी के किनारे नगवां में 12.5 लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया गया है, जिसका उद्घाटन हाल ही में किया गया है. इसके बावजूद खुले में शौच से वार्ड मुक्त नहीं हो सका है.
इसके अलावा वार्ड नंबर चार में स्थित मथुरा बांध तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास भी पांच सालों में विफल रहा है. यद्दपि तालाब के सुंदरीकरण को लेकर वार्ड में प्रस्ताव भी पारित किये जा चुके हैं, इसके बावजूद उस पर अब तक अमल नहीं किया जा सका है.
