विकास राशि से वंचित किया जा सकता है
गढ़वा : गढ़वा जिले के विभिन्न पंचायतों के 14 मुखिया जिला प्रशासन की काली सूची में दर्ज किये जा सकते है़ं ऐसी स्थिति में उन्हें विकास राशि के उपयोग से दूर रखा जा सकता है़
विकास राशि में हेरफेर करने, सरकारी काम में रुचि नहीं लेने सहित अन्य गंभीर आरोपों में शामिल मुखिया की एक सूची जिला प्रशासन की ओर से तैयार की गयी है़ इसके अलावा करीब 10 मुखिया पर वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी सहित अन्य आरापों को लेकर जांच गठित की गयी है़
समाचार के अनुसार जो मुखिया प्रशासन की नजर में डिफॉल्टर हैं, उनमें एसीबी के हाथों पकड़े गये मेराल के गोंदा पंचायत के मुखिया प्रकाश कुमार अरुण शामिल है़ं इन पर दो अन्य आरोप ओडीएफ कार्य में रुचि नहीं लेने व शौचालय निर्माण एवं पंचायत के विकास कार्य में रुचि नहीं लेने का भी आरोप है़ दोनों मामलों में जिला पंचायती राज विभाग की ओर से उन्हें स्पष्टीकरण किया गया, लेकिन वह अभी तक अप्राप्त है़
इसी तरह मेराल के मुखिया विजय कुमार सिंह एसीबी के हाथों पकड़े गये थे, इन पर ओडीएफ कार्य में रुचि नहीं लेने का भी आरोप है़ इन्हें भी शो कॉज किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया़ मेराल के लोआदाग पंचायत के मुखिया हेमंत कुमार सिंह, करकोमा पंचायत की मुखिया सावित्री देवी, पढ़ुआ पंचायत की मुखिया अनिता देवी, विकताम पंचायत की मुखिया प्रतिमा देवी, मेराल पश्चिमी के मुखिया देवीशरण, अरंगी की मुखिया विमला देवी तथा तेनार पंचायत की मुखिया सुषमा देवी पर भी शौचालय निर्माण कार्य एवं पंचायत के विकास में रुचि नहीं लेने का आरोप है़ जबकि मझिआंव प्रखंड के सोनपुरवा पंचायत की मुखिया मधु दुबे पर मनरेगा में अनियमितता बरतने, तलसबरिया पंचायत की मुखिया मशरूम वीबी पर सरकारी राशि का दुरुपयोग करने व पुरहे पंचायत की मुखिया सुनैना देवी पर कार्यकारिणी की बैठक किये बिना योजनाओं को पारित करने का आरोप है़
केतार प्रखंड के परती कुशवानी पंचायत के मुखिया चंद्रदेव उरांव पर योजनाओं में अनियमितता बरतने तथा परसोडीह पंचायत के मुखिया अनिल कुमार पासवान पर 14वें वित में अनियमितता के आरोप है़ं उपरोक्त सभी मुखिया से जिला पंचायती राज विभाग की ओर से आरोप के संबंध में जवाब मांगा गया है़ लेकिन एकाध को छोड़कर किसी ने भी स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया है़
