रमकंडा: प्रखंड मुख्यालय के बघमरिया स्थित राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय बालक मध्य विद्यालय का निरीक्षण के दौरान मुखिया सुदीन राम व प्रधानाध्यापक सुरेश महतो के बीच काफी नोंक झोंक हो गयी. इस दौरान मुखिया ने विद्यालय प्रबंधन पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया. समाचार के अनुसार शुक्रवार की देर शाम रमकंडा पंचायत के मुखिया सुदीन राम विद्यालय की जांच करने पहुंचे थे.
इसी दौरान मुखिया ने प्रधानाध्यापक सुरेश महतो को बुलाने के लिए रसोईया को कहा. लेकिन लेकिन मुखिया के बुलाने पर भी प्रधानाध्यापक नहीं पहुंचे. इसी बात को लेकर कुछ देर बाद दोनों में काफी नोंक झोंक हुई.
जांच के दौरान पाया गया कि बच्चों को घटिया भोजन दिया जाता है. वहीं बच्चों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिये जाने की बात कही. मुखिया सुदिन राम ने बताया कि पूर्व में शिकायत के बाद विद्यालय की जांच करने पहुंचा था. इस दौरान रसोइया के माध्यम से प्रधानाध्यापक को बुलाया पर उन्होंने यह कह कर आने से मना कर दिया कि जनप्रतिनिधियों को नहीं जानते हैं, मुझसे मिलना है तो मेरे ऑफिस में आकर मिल ले जांच के दौरान विद्यालय पंजी देने से भी मना कर दिया गया. उन्होंने जब रजिस्टर पंजी के मांग की, तो प्रधानाध्यापक ने दिखाने से मना कर दिया. उन्होंने बताया कि विद्यालय में अनियमितता को लेकर कुछ माह उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने भी निरीक्षण किया था. जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विद्यालय की नियमित जांच की बात कही गयी था.
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जायेगी. मौके पर बीडीसी प्रतिनिधि कमल किशोर प्रसाद, युगल प्रसाद, विजय साव, शिक्षक सितेश कुमार महतो, युगेश्वरर पासवान सहित कई लोग मौजूद थे. इधर इस संबंध में प्रधनाध्यापक सुरेश महतो ने कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं.
