प्रकृति का संरक्षण जरूरी

नृत्य-संगीत के साथ मना सरहुल भंडरिया(गढ़वा) : भंडरिया प्रखंड में प्रकृति की पूजा का पर्व सरहुल धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर आदिवासियों ने प्रकृति की पूजा करने के साथ ही नृत्य संगीत का आनंद लिया. प्रखंड के नौका स्थित परवन बाबा देवस्थल पर बुधवार को यहां सरहुल पर्व धूमधाम के साथ संपन्न […]

नृत्य-संगीत के साथ मना सरहुल
भंडरिया(गढ़वा) : भंडरिया प्रखंड में प्रकृति की पूजा का पर्व सरहुल धूमधाम के साथ मनाया गया. इस अवसर पर आदिवासियों ने प्रकृति की पूजा करने के साथ ही नृत्य संगीत का आनंद लिया. प्रखंड के नौका स्थित परवन बाबा देवस्थल पर बुधवार को यहां सरहुल पर्व धूमधाम के साथ संपन्न हो गया. सरना पूजा समिति के तत्वावधान में मेले का भी आयोजन किया गया था.
सरहुल के अवसर पर सबसे पहले प्रखंड के विभिन्न गांवों से पहुंचे बैगा-देवार ने दारी कुएं से जल भर कर कलश यात्रा निकली, जो जन समूह के साथ परवन बाबा देवस्थल पहुंची, जहां पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद विभिन्न मंडलियों ने नृत्य प्रस्तुत की. इस अवसर पर उपस्थित बीडीओ सुधीर कुमार व सीओ पंकज कुमार साहू ने नृत्य मंडली को पुरस्कृत किया. साथ ही बैगा व देवार को पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया.
इस अवसर पर बीडीओ ने कहा कि प्रकृति का त्योहार सरहुल पूर्व प्रकृति का प्रतीक है. यदि प्रकृति नहीं होती, तो आज हम भी नहीं होते. उन्होंने लोगों से जंगल व पेड़-पौधों के संरक्षण पर अपना प्रकाश विस्तार से डाला.
इसके पूर्व आयोजित मेले का उदघाटन सरना पूजा समिति के अध्यक्ष सह मुखिया विनय सिंह ने किया. इस मौके पर मथुरा गोस्वामी, बैजनाथ राम, गोखुल सोनी, अनिल के सरी, नंदकिशोर सिंह, राजेश्वर ठाकुर, आनंदी सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे. उधर संध्या काल में दो गोला का भी आयोजन किया गया. इसमें बिहार के कवलनाथ सिंह व अरविंद कुमार अभियंता के बीच मुकाबला हुआ.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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