250 घरों में बिजली नहीं ग्रामीण हुए एकजुट

रमकंडा : रमकंडा प्रखण्ड मुख्यालय में विभागीय अधिकारियों व सरकार की अनदेखी के कारण दीपक तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. आजादी के 70 वर्ष गुजर जाने के बाद भी रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के करीब 250 घरों के लोग अभी तक ढिबरी युग मे जीने को मजबूर हैं. प्रखंड मुख्यालय के केलहरिया टोला, […]

रमकंडा : रमकंडा प्रखण्ड मुख्यालय में विभागीय अधिकारियों व सरकार की अनदेखी के कारण दीपक तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. आजादी के 70 वर्ष गुजर जाने के बाद भी रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के करीब 250 घरों के लोग अभी तक ढिबरी युग मे जीने को मजबूर हैं. प्रखंड मुख्यालय के केलहरिया टोला, पथलादामर, कहुआलेवाड़, तुकुलखांड़ टोले के करीब 250 घरो में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है.
बिजली समस्या को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए बैठक किया. दिलचस्प बात यह है कि रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में करीब 15 वर्ष पहले ही बिजली पहुंच चुकी है. वहीं सात वर्ष पहले ही पावर स्टेशन का निर्माण कराया जा चुका है. लेकिन इन घरों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पायी. ग्रामीणों ने बताया कि राजीव गांधी विधुतीकरण योजना के तहत इन घरों में भी बिजली पहुंचाने की योजना थी.
लेकिन अधिकारियों की लापरवाही व बिचौलियागिरी के हावी होने के कारण इन टोलों में न तो खंभा लगा और न ही बिजली का तार लग सका. इसके बाद से लोग अंधेरा में जीने को मजबूर हैं. ग्रामीण रामु भुइयां ने बताया कि एक तरफ जहां बिजली नहीं है. वहीं दूसरी तरफ जन वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला केरोसिन भी अब कम हो गया है. ग्रामीण अंतु सिंह, संतोष भुइयां, शिवनाथ भुइयां, शिवकुमार सिंह, चंद्रशेखर सिंह, बिजुल भुइयां, सोमारू भुइयां, प्रेमचंद सिंह, रामप्रवेश भुइयां, अजय सिंह, लोटन भुइयां, बलदेव सिंह, बहादुर भुइयां, भोला भुइयां आदि ने प्रशासन से बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है. इसके साथ ही ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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