निरीक्षण. डीसी ने अलग-अलग गांवों में जांच की
एक साथ अधिकारियों की चार टीमों के अलग-अलग के दौरे से हड़कंप
मझिआंव : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा के निर्देश पर गुरुवार को सुबह आठ बजे जिले के पदाधिकारियों की चार अलग-अलग टीमें बना कर मझिआंव नगर पंचायत सहित प्रखंड के कई पंचायतों के आंगनबाड़ी केंद्रों व मनरेगा के तहत हुए विकास कार्यों की जांच की.
इनमें पहली टीम का नेतृत्व खुद उपायुक्त कर रहीं थी, जबकि दूसरे टीम में उप विकास आयुक्त जगतनारायण प्रसाद, तीसरी टीम का गढ़वा एसडीओ प्रदीप कुमार तथा चौथी टीम का नेतृत्व रंका एसडीओ जावेद अनवर सिद्दिकी कर रहे थे. उपायुक्त ने सबसे पहले नगर पंचायत के वार्ड दो में दुबेतहले के हरिजन टोला पर लगभग चार वर्ष पहले बने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया. इस दौरान यह केंद्र बंद पाया गया. लोगों ने बताया कि जब से यह केंद्र बना है, इसमें ताला बंद है और सेविका प्रमिला देवी अपने घर के समीप भाड़े पर केंद्र चलाती हैं.
डीसी तत्काल वहां पहुंची और सेविका से नये भव में नहीं जाने का कारण पूछा. इसपर सेविका ने शौचालय व पानी की समस्या बतायी. इसपर डीसी ने बीडीओ कमल किशोर सिंह व सीडीपीओ प्रीति रानी को तत्काल समस्या का समाधान करने का निर्देश देते हुए सेविका को नये केंद्र में जाने का निर्देश दिया.
इस दौरान डीसी ने निरीक्षण पंजी एवं उपस्थिति पंजी का भी निरीक्षण किया और केंद्र में उपस्थित मात्र आठ बच्चों को देख कर सेविका से कम उपस्थिति का कारण पूछा. इस दौरान डीसी ने बच्चों से गिनती पूछा, लेकिन कोई बच्चा नहीं बता पाया. साथ ही कुपोषित बच्चों की सूची उपलब्ध नहीं कराने पर उन्होंने सेविका को कड़ी फटकार लगायी. इसी बीच ग्रामीणों द्वारा एक दिव्यांग दंपती को मिले शहरी आवास की राशि नहीं मिलने व घर बनाने के लिए खुदे गड्ढे में कई बार उक्त दंपती व बच्चों को गिरने का मुद्दा उठाया. इसपर डीसी ने इसे अपने डायरी में नोट करवाया और कहा कि नए कार्यपालक आये हैं राशि मिल जायेगी. इसके बाद टीम अखोरी तहले गयी, जहां केंद्र नहीं होने के कारण सेविका शिवपूजन देवी द्वारा अपने घर में ही केंद्र बनाया गया था.
वहां एक भी बच्चा नहीं पाया गया. डीसी ने बीडीओ को आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का निर्देश दिया. इसपर बीडीओ ने कहा कि यह तो नगर पंचायत के अधीन है. इसपर उन्होंने मनरेगा से आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की बात कही. डीसी ने सेविका से उपस्थिति पंजी की मांग की और बाहर अधूरे लिखे बोर्ड पर तत्काल केंद्र संख्या, खुलने व बंद होने का समय तथा पोषाहार की स्थिति को दर्शाने का निर्देश दिया. इस बीच डीसी के पहुंचने की खबर मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण वहां उपस्थित हो गये और उनसे समस्याओं की झड़ी लगा दी.
इस दौरान रिंकी देवी ने पोषाहार नहीं मिलने और पीएम आवास में रिश्वत मांगने का अशोक राम ने राशन कार्ड का आधार से लिंक नहीं होने के कारण तीन-चार माह से राशन नहीं मिलने की शिकायत की. इसके बाद डीसी द्वारा तलसबरिया पंचायत के चाका आंगनबाड़ी केंद्र की जांच की गयी, जहां एक भी बच्चे नहीं मिले. केवल सेविका डीसी के आने की खबर पर दौड़ी आयी थी. इधर डीडीसी, गढ़वा एसडीओ एवं रंका एसडीओ की टीम ने विभिन्न केंद्रो व योजनाओं की जांच की गयी. प्रशासनिक अधिकारियों के इस कदम से योजना से संबंधित लोगों में काफी हड़कंप देखा गया.
