30 तक ओडीएफ हो मझिआंव

शौचालय की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जायेगा : डीसी ग्रामीणों को खुले में शौच से होनेवाले नुकसान की जानकारी दें मंझिआव : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने मंगलवार को नगर पंचायत के सभाकक्ष में नगर पंचायत कर्मियों व स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ बैठक की. सुबह नौ बजे से हुई इस बैठक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
शौचालय की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जायेगा : डीसी
ग्रामीणों को खुले में शौच से होनेवाले नुकसान की जानकारी दें
मंझिआव : उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा ने मंगलवार को नगर पंचायत के सभाकक्ष में नगर पंचायत कर्मियों व स्वच्छता समिति के सदस्यों के साथ बैठक की. सुबह नौ बजे से हुई इस बैठक में उपायुक्त ने मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि मंझिआव नगर पंचायत को हर हाल में 30 जून तक ओडीएफ होना चाहिए. इस संबंध में उन्होंने अध्यक्ष सुमित्रा देवी, वार्ड पार्षदों व स्वच्छता समिति के सदस्यों को प्रत्येक वार्ड में ध्वनि विस्तारक यंत्र, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से ग्रामीणों को इसकी जानकारी देते हुए इसके प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को खुले में शौच से होनेवाले नुकसान की जानकारी दें.
इस दौरान उपायुक्त ने नगर पंचायत कार्यालय से मिले शौचालय निर्माण से संबंधित डाटा का अवलोकन भी किया. इस पर उन्होंने कहा कि आपके कार्यालय को जो 209 आवेदन मिले हैं, उन सभी की जांच कीजिये. इसमें जिन्हें पहला किस्त की राशि मिली है, उसकी जांच कर आगे की कार्रवाई शुरू कीजिये. साथ ही उन्होंने कहा कि जिनका पूर्ण निर्माण हो चुका है, उन्हें दो दिन के अंदर राशि खाते में भेजने का निर्देश दिया. इस दौरान सिटी मिशन मैनेजर विमलेश शुक्ला ने विभाग से राशि कम आने की बात कही. उन्होंने कहा कि इसके लिए लगभग 60-70 लाख रुपये और चाहिए. इस पर उपायुक्त ने कहा कि पहले जितनी राशि है, उतना कार्य कीजिये. शेष राशि जल्द ही आ जायेगी
उपायुक्त ने नये कार्यपालक पदाधिकारी गुलाम समदानी को निर्देश देते हुए कहा कि जिस लाभुक को पहली किस्त की राशि दे दी गयी है और उसके द्वारा कार्य शुरू कराने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है, उन्हें दो दिन का समय दें कि या तो वे कार्य शुरू करें या राशि वापस कर दें. साथ ही वैसे लोगों का अख़बारों में उनका नाम प्रकाशित करने का भी निर्देश दिया. इस पर जो लाभुक अमल नहीं करता है, उस पर तत्काल सर्टिफिकेट केस करें. उपायुक्त ने कहा कि शौचालय की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और जो लाभुक सबसे अच्छा शौचालय बनायेगा, उसे विभाग पुरस्कार देगा. बैठक में डीडीसी जगत नारायण प्रसाद, एसडीओ प्रदीप कुमार, डीआरडीए के डायरेक्टर विरेंद्र कुमार सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी गुलाम समदानी,अध्यक्ष सुमित्रा देवी, उपाध्यक्ष सुनीता देवी सहित वार्ड पार्षद व स्वच्छता समिति के सदस्य उपस्थित थे.
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