घाटशिला. घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में गुरुवार को ब्लड स्टोरेज यूनिट का शुभारंभ विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने किया. उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरएन सोरेन और बीपीएम मयंक सिंह से यूनिट में सुविधाओं की जानकारी ली. विधायक ने कहा कि बहरागोड़ा और घाटशिला जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को रक्त के लिए 80-85 किमी दूर जमशेदपुर जाना पड़ता था. अब अनुमंडल अस्पताल में सुविधा मिलने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों की जान बचायी जा सकेगी. उन्होंने बताया कि अस्पताल में सुरक्षा के लिहाज से दो स्टोरेज यूनिट लगायी गयी है, ताकि एक में तकनीकी खराबी आने पर दूसरा बैकअप के तौर पर काम कर सके.
निःशुल्क मिलेगा रक्त, दान की अपील:
चिकित्सा प्रभारी डॉ. आरएन सोरेन ने बताया कि यूनिट की कुल क्षमता 50 यूनिट है, लेकिन शुरुआत में 10 यूनिट रक्त संग्रहित रखा जायेगा. यह सुविधा दुर्घटना, प्रसव और इमरजेंसी मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी. मरीजों को रक्त पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा. विधायक ने अस्पताल प्रबंधन को हर माह रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया और लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की. कार्यक्रम में जिला सचिव रतन महतो, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, जगदीश भकत, स्वपन महतो, काजल डॉन, टेक्नीशियन प्रकाश कुमार समेत कई कार्यकर्ता और अस्पताल कर्मी उपस्थित थे.
अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी से सीएस ने मांगा स्पष्टीकरण
घाटशिला. पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने घाटशिला अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन सोरेन से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है. दरअसल, शिकायत मिली थी कि प्रभारी चिकित्सक अस्पताल में नियमित समय पर उपलब्ध नहीं रहते हैं. गालूडीह स्थित निजी क्लीनिक में मरीज देखते हैं. सीएस कार्यालय से 14 मई को जारी पत्र में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने जानकारी दी है कि पिछले दो महीनों से कागजात पर हस्ताक्षर कराने के लिए अस्पताल आने के बावजूद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी नहीं मिलते हैं. वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 1 बजे तक गालूडीह के एक निजी क्लीनिक में बैठते हैं. पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त को भी भेजी गयी है. शिकायत के अनुसार, आनंद मेडिकल हाल के प्रेस्क्रिब्शन में डॉ आरएन सोरेन का नाम अंकित है.- आरोप निराधार है. ऐसे कौन चिकित्सक हैं, जो कहीं मेडिकल स्टोर में नहीं बैठते हैं. मैं अपनी ड्यूटी या छुट्टी के दिन कहीं बैठता हूं. ड्यूटी अवधि में नहीं. पूरे मामले का विस्तृत स्पष्टीकरण विभाग को दिया जायेगा. –
