डुमरिया. डुमरिया प्रखंड अंतर्गत बड़ाबोतला गांव के बहादुरपुर चौक पर बुधवार को ग्रामसभा की गयी. इसमें पत्थर खनन के लिए दी गयी लीज का विरोध किया गया. हातु सरदार और हरमोहन सरदार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रखंड प्रमुख गंगामनी हांसदा और पलाशबनी पंचायत की मुखिया मालती मुर्मू उपस्थित थीं. ग्राम सभा में सात गांवों (बड़ाबोतला, धातकीडीह, गाडुभांगा, जोरकागोड़ा, रुगड़ीसाई, बहादुरपुर और दक्षिणशोल) के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने हिस्सा लिया और एक स्वर में खनन पट्टा रद्द करने की मांग की.
जमीनी जांच के बिना गलत रिपोर्ट पर लीज की अनुशंसा का आरोप
ग्रामसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एसए ट्रेडर्स को 7.36 एकड़ जमीन पर दी गयी लीज पूरी तरह से अवैध है. ग्रामीणों का आरोप है कि अंचल प्रशासन ने ग्रामीणों को गुमराह किया. बिना किसी जमीनी जांच (फिजिकल वेरिफिकेशन) के गलत रिपोर्ट के आधार पर लीज की अनुशंसा कर दी. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन पर किसी भी स्थिति में खनन कार्य शुरू नहीं होने देंगे.आंदोलन की चेतावनी :
ग्रामीणों का कहना है कि लीजधारक प्रलोभन देकर ग्रामीणों के बीच आपसी फूट डालने की कोशिश कर रहा है. यदि प्रशासन ने इस लीज को जल्द निरस्त नहीं किया, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.लीज क्षेत्र से 500 मीटर है दूर घनी बस्ती:
ग्रामीणों ने कई गंभीर आपत्तियां जतायी हैं. जिस स्थान पर लीज दी गयी है, वहां से मात्र 500 मीटर के दायरे में घनी मानव बस्ती है. खनन क्षेत्र के पास सरदार और लोहार समुदाय का पारंपरिक श्मशान घाट स्थित है. लीज की भूमि उपजाऊ है. इसके बिल्कुल पास वन विभाग का संरक्षित जंगल है. मौके पर काजमान सिंह सरदार, कुलदीप सरदार, हर नायेक, हरिपद नायेक, सुशील सरदार, संजय सरदार, राहुल सरदार, अंशुमान दास, रंजीत दास, शिवनंदन नायेक, राजीव सरदार, सुकदेव नायेक और बसंत नायेक सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे.कोट
– अंचल कार्यालय ने गलत रिपोर्ट देकर पत्थर खनन की लीज दी है, जिसका हम पुरजोर विरोध करते हैं. मैं स्वयं उपायुक्त से मिलकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग करूंगी.
